बागेश्वर धाम नाबालिग रेप केस: डीएनए रिपोर्ट मैच न होने पर HC ने दिए SIT जांच के आदेश
छतरपुर। एमपी हाईकोर्ट ने बागेश्वर धाम में एक नाबालिग से कथित रेप के मामले में फ्रेश जांच के आदेश दिए हैं। इसकी जांच एसआईटी करेगी। रेप की शिकार लड़की ने जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया था, वह उसके दो महीने के भ्रूण का बॉयोलॉजिकल पिता नहीं निकला हैं। लड़की का अबॉर्शन हुआ था, जिसके बाद बच्चे के पिता का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट करवाया था।
वहीं, कोर्ट ने भी यह गौर किया कि पीड़िता ने अपने बयान में कहा था कि आरोपी राजू जाटव ने उसका रेप नहीं किया था। हालांकि जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच में आरोपी की जमानत की सुनवाई हो रही थी। उसे 25 सितंबर को जमानत देने से इनकार कर दिया था। यह आदेश 4 अक्टूबर को कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बागेश्वर धाम रेप केस की नई जांच के आदेश दिए हैं। यह आदेश तब आया जब 16 साल की लड़की के अबॉर्ट किए गए दो महीने के भ्रूण के डीएनए टेस्ट में आरोपी को बायोलॉजिकल पिता के तौर पर नहीं पहचाना जा सका। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने पिछले बयान से इनकार कर दिया।
साभार नवभारत टाइम्स

