देहात थाने पर बजरंग दल का प्रदर्शन, नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप
शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
शिवपुरी। मध्य प्रदेश: शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक नाबालिग हिंदू लड़की के कथित अपहरण और जबरन धर्मांतरण के विरोध में थाने का घेराव किया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अनुसार, शिवपुरी की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को करीब एक महीने पहले (9 अप्रैल के आसपास) साहिल खान नाम के युवक और उसके साथियों ने बहला-फुल्लाकर अगवा कर लिया था।
मुख्य आरोप:
जबरन बंधक बनाना: लड़की को ग्वालियर और बबीना (यूपी) जैसे अलग-अलग शहरों में बंधक बनाकर रखा गया।
धर्मांतरण का दबाव: आरोप है कि लड़की पर जबरन इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला गया और उसे प्रतिबंधित मांस खिलाया गया।
शारीरिक और मानसिक शोषण: पीड़ित लड़की ने बताया कि उसके साथ गंभीर रूप से मारपीट और शोषण किया गया।
षड्यंत्र में अन्य की भूमिका: बजरंग दल के नेताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले में साहिल के परिवार की महिलाएं और कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई
काफी मशक्कत के बाद, लड़की को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बबीना से बरामद किया गया है। वर्तमान में पुलिस लड़की का बयान दर्ज कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बजरंग दल की चेतावनी
थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे बजरंग दल के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग "पत्रकारिता की आड़ में" ऐसे अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
"बच्ची बहुत डरी हुई है और उसने अपनी आपबीती बताते हुए रो-रोकर अपना हाल सुनाया है। हम हिंदू समाज की बेटियों के साथ ऐसा अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।" > — प्रदर्शनकारी बजरंग दल कार्यकर्ता

