समाज में सम्मानित होना गर्व से अधिक कर्मशील होने का भाव संचित करता है - डॉ भरत शर्मा
आदित्य शर्मा
मध्यप्रदेश के गौड़ ब्राह्मण संघ द्वारा डॉ भारत शर्मा का सम्मान समारोह आयोजित किया गया
इंदौर।मध्यप्रदेश में इंदौर शहर में मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे डॉ भरत शर्मा का सम्मान प्रदेश के गौड़ ब्राह्मण संघ द्वारा समारोहपूर्वक किया गया। उल्लेखनीय है की भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में मध्यप्रदेश से चुने जाने वाले यह पहले सदस्य है जिन्हें दो समितियों में भारतीय राजपत्र में संस्कृति मंत्रालय, भारत सकरार द्वारा नामित किया गया। डॉ भरत शर्मा भारत में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में वरिष्ठ पद पर रहते हुए भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु देश विदेश में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। हाल ही में लंदन में ब्रिटिश पार्लियामेंट में उनका सम्मान किया गया था जो समाज के लिए गौरव और प्रेरक उपलब्धि थी। शास्त्रीय संगीत, नृत्य, कला, शिक्षा, वैश्विक व्यापारिक समन्वय अथवा खेल के उत्थान और भारतीय संस्कृति को देशविदेश में प्रचारित कर इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए किये गए प्रकल्पों को डॉ भरत शर्मा द्वारा उनके सक्रिय योगदान देने पर उनका सम्मान संस्था के अध्यक्ष बाबूलाल गौड़, ट्रस्ट अध्यक्ष व वरिष्ठ टेबलटेनिस राष्ट्रीय पदाधिकारी नरेंद्र कौशिक, हिसारिया, सचिव और वरिष्ठ उद्योगपति गौतम मारवाल, वरिष्ठ पत्रकार विजय अड़िचवाल और समाज के वरिष्ठजन द्वारा शाल, माला और आशीर्वचन और राजेश सांखला की भजन संध्या के आयोजन से किया गया। उक्त अवसर पर डॉ भरत शर्मा ने कहा कि विश्व में प्राप्त ख्याति जब तक सार्थक नहीं होती जब तक उस ख्यातिप्राप्तकर्ता को हासिल करने के कारक, उसके मातापिता, गुरु और उसके समाज का आशीष उसे प्राप्त नहीं होता। यह क्षण भावुक और गर्वान्वित तो करता ही पर अपने कर्मों के प्रति अधिक जिम्मेदारी निभाने और कर्मशील होने का संकल्प कराता है। समाज जब बहुत गहन चिंतन और विश्वास से सहृदय आशीष देकर ऋणी कर समर्पित होने का भाव दे देता है।
समारोह में विशेष रूप से पधारे पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त समाजसेवी योगेश महंत, वेटेरन राष्ट्रीय टेबल टेनिस विजेता संतोष कौशिक, राजेश कौशिक, राजीव शर्मा, मनीष शर्मा (बंटी) और बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश गौड़ ब्राह्मण संघ और समाज के पदाधिकारी, सदस्य और महिला मंडल उपस्थित रहे। समारोह का संचालन विजय अड़िचवाल ने किया।

