इंदौर संभाग के दूरस्थ अंचलों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के मिले बेहतर और सकारात्मक परिणाम
संभाग के दूरस्थ अंचलों में अब अगला चरण मार्च माह में होगा शुरू।
मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिये भी लगेंगे संभाग में विशेष शिविर।
स्वास्थ्य शिविरों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की उपस्थिति में किया गया सम्मान।
इंदौर संभाग के दूरस्थ अंचलों में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की पहल पर विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन स्वास्थ्य शिविरों के बेहतर और सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। इसको देखते हुए अगला चरण मार्च माह में शुरू होगा। इसके अलावा संभाग के दूरस्थ अंचलों में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिये भी विशेष शिविर लगाये जाएंगे। यह जानकारी आज यहां संभागायुक्त श्री दीपक सिंह की विशेष मौजूदगी में सम्पन्न हुए सम्मान समारोह में दी गई। इस समारोह में संभाग में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में धार जिले के कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री गौरव बैनल, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड श्री एस.एन.द्विवेदी, अरविन्दो अस्पताल के डॉ. विनोद भण्डारी, डॉ. महक भण्डारी, संचालक स्वास्थ्य डॉ. शाजी जोसेफ, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ. पूर्णिमा गडरिया सहित अन्य निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर्स मौजूद थे। सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए संभागायुक्त श्री दीपक सिंह ने कहा कि संभाग के दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को शहर जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के लिये स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन का सिलसिला प्रारंभ किया गया है। इसके दो चरण हो चुके हैं। दोनों चरणों के बेहतर परिणाम सामने आये हैं। अब तक आयोजित शिविरों में डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीणों का आधुनिक पद्धति से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इंदौर के मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इन शिविरों में निस्वार्थ भाव से पहुंचकर जरूरतमंदों का उपचार किया। दूरस्थ अंचलों में जाँच की आधुनिक मशीनें भी लगाई गई थी। इससे भी मरीजों के शुरूआती स्टेज पर ही अनेक बीमारियों का पता चला, जिससे उनके उपचार में मदद मिली। उन्होंने कहा कि अब मार्च माह में तीसरा चरण प्रारंभ किया जायेगा। इसके साथ ही मोतियाबिंद ऑपरेशन के शिविर भी लगाये जाएंगे। बताया गया कि संभाग में दूसरे दौर में अक्टूबर से लेकर दिसम्बर तक 10 शिविर लगाये गये। इनमें 63 हजार से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इन स्वास्थ्य शिविरों में 518 चिकित्सकों ने उपस्थित रहकर उपचार किया। 902 नर्सिंग स्टाफ ने भी अपनी सेवाएं दी। दो हजार से अधिक सोनोग्राफी जाँचे की गई। इसके अलावा 11 हजार लोगों के रक्त परीक्षण भी किये गये। इसके अलावा मेमोग्राफी, एक्सरे, इको सहित अन्य जाँचे भी की गई। हृदय रोग, कुपोषण, कैंसर, स्त्री रोग, ब्लड प्रेशर, शुगर, सिकलसेल आदि के लगभग 14 हजार मरीजों का नि:शुल्क उपचार भी किया गया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टाफ का उल्लेखनीय योगदान रहा। शासकीय चिकित्सकों और पेरामेडिकल स्टाफ ने भी महती भूमिका निभायी।

