इंदौर जिले में जमीन डायवर्शन के नाम पर बड़ा खेल?

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इंदौर जिले के कई तहसील कार्यालयों में जमीन डायवर्शन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिन लोगों ने अपनी जमीन के डायवर्शन हेतु आवेदन लगाए हैं, उनके आवेदन “e-KYC Pending” बताकर महीनों से अटके हुए हैं।

सूत्रों का दावा है कि:
e-KYC के कारण सॉफ्टवेयर में डायवर्शन शुल्क स्वीकार नहीं हो रहा
आवेदन आगे नहीं बढ़ रहे
हजारों प्रकरण लंबित पड़े हैं
करोड़ों रुपये का राजस्व शासन को नहीं मिल पा रहा

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ऑनलाइन और पारदर्शी व्यवस्था की बात करती है, तो फिर आम नागरिकों को बार-बार तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं?

कई आवेदकों का आरोप है कि e-KYC अपडेट के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता है और प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींचा जाता है।
यदि समय पर e-KYC हो सकती है तो फिर इतने आवेदन पेंडिंग क्यों हैं?

 क्या यह केवल तकनीकी समस्या है?
 या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
 आखिर जिम्मेदार कौन?

अब जरूरत है कि प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए ताकि आम जनता को राहत मिल सके और शासन का रुका हुआ राजस्व भी प्राप्त हो सके।

 रणजीत टाइम्स | राजनीति 24 न्यूज़
“सच्चाई के साथ, जनता के साथ”

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