जयसिंहनगर में खंड स्तरीय सरपंच-पंच सम्मेलन आयोजित, पंचायत प्रतिनिधियों को व्हीबी जीरामजी अधिनियम की दी गई जानकारी
ग्रामीण विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण : विधायक मनीषा सिंह
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : विधायक शरद कोल
साहिल खान
शहडोल, 25 अगस्त 2026। जनपद पंचायत जयसिंहनगर के सभागार में खंड स्तरीय सरपंच एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह एवं ब्यौहारी विधायक श्री शरद कोल की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के सरपंच, पंच तथा पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि शासन और ग्रामीण जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि व्हीबी जीरामजी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि को होना आवश्यक है, ताकि पात्र परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण कराया जा सके। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया।
ब्यौहारी विधायक श्री शरद कोल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन की आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक तभी पहुंच सकता है, जब पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाकर ग्रामीणों को अधिक से अधिक लाभ दिलाया जाए।
सीईओ जनपद पंचायत श्रीमती शिवानी जैन ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को अधिनियम के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास पर केंद्रित है।
सम्मेलन में पंचायतीराज संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व, सहभागी योजना निर्माण, परिवार पंजीयन तथा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। एपीओ श्री अनुराग निगम ने ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यों के चयन, स्वीकृति, क्रियान्वयन, अनुश्रवण, परिसंपत्तियों के संधारण तथा विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के अभिसरण के संबंध में जानकारी प्रदान की।
इस दौरान योजनाओं में पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, शिकायत निवारण एवं आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों और प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा समाधान किया गया।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती सिंह, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य, सहायक यंत्री, उपयंत्री सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

