कैब ऐप्स में हो 'स्पेशल बुकिंग' का विकल्प: सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगों की सुविधा के लिए दिया खास सुझाव
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिव्यांगजनों की मदद के लिए बेहतर इंतजाम करने की जरूरत पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि कैब सेवाओं को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि उनमें वीलचेयर और अन्य सहायक डिवाइस रखने की सुविधा हो। जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई वाली बेंच दिव्यांगजनों के लिए फर्स्ट माइल और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
बेंच ने कहा कि आज बड़े शहरों में हर जगह कैब उपलब्ध हैं, इसलिए कैब कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे दिव्यांगजनों की वीलचेयर और अन्य सहायक डिवाइस को समायोजित कर सकें।
कोर्ट ने दिव्यांगजनों के लिए विशेष कैब की व्यवस्था करने का भी सुझाव दिया। अदालत ने कहा कि कैब ऐप में ऐसे विकल्प हो सकते हैं, जहां से दिव्यांगजनों के लिए खास तौर पर डिजाइन की गई कैब बुक की जा सके।
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि दिव्यांगजनों को कैब में चढ़ने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर कैब सीएनजी किट वाली होती हैं, जिससे गाड़ी में जगह कम हो जाती है और वीलचेयर रखने की सुविधा नहीं मिलती। उन्होंने यूरोपीय देशों की तरह यूनिवर्सल डिजाइन लागू करने का सुझाव भी दिया।
साभार नवभारत टाइम्स

