मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम व्यापार मेला 2026 का शुभारंभ किया
सम्राट विक्रमादित्य की अवन्तिका नगरी उत्सवों और व्यापार की राजधानी बन रही है -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाशिवरात्रि के पावन पर पर उज्जैन व्यापार मेला 2026 का दीप प्रज्जवलन और फीता खोलकर शुभारंभ किया। उज्जैन व्यापार मेला के शुभारंभ पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की नगरी अवंतिका विकास के नए कीर्तिमान बना रही है। व्यापार ,व्यवसाय में बाबा श्री महाकाल की नगरी तेजी से प्रगति कर रही है। विक्रम व्यापार मेले का आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है। व्यापार मेले से जिले और आस-पास के क्षेत्र में आर्थिक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि विक्रम व्यापार मेला वर्ष 2024 में 23,705 वाहनों की विक्री पर लगभग 122 करोड़ की छूट प्रदान की गई थी, वर्ष 2025 में 36,225 वाहनों की बिक्री पर 187 करोड़ की छूट प्रदान की गई थी। इस वर्ष नगर निगम को अभी तक 4 करोड़ 10 लाख की आय हो गई है। इस वर्ष विक्रम व्यापार मेले में फोर व्हीलर के 139 स्टाल,2 व्हीलर के 36 स्टाल,कार डेकोरेशन ,सांची ,बैंक्स के स्टाल और अन्य उत्पादों के स्टॉल्स भी लगाए गए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन अब व्यापारिक नगरी के रूप में स्थापित हो रहा है। उज्जैन के व्यापार मेले ने तीसरे साल भी मेले ने विकास और व्यापार के नए आयाम स्थापित किए हैं । इससे उज्जैन व्यापार मेले से प्रदेश के लोगों को वाहन कर से 50% छूट मिली है और लोगों ने बड़े उत्साह के साथ गाड़ियों को खरीदा है ।इसके साथ ही कपड़े, मनिहारी , मालवी व्यंजन और अन्य सामानों की दुकान भी इस व्यापार वाले में लग रही हैं। जिससे उज्जैन में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। उज्जैन व्यापार मेला प्रदेश में अपनी एक पहचान बन चुका है। लगातार तीसरे वर्ष भी नगर निगम को इस मेले से करोड़ों की आय हुई है और आने वाले समय में उज्जैन व्यापार की नई राजधानी बनकर उभर रहा है। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से बाबा महाकाल का आशीर्वाद उज्जैन के लोगों को मिल रहा है ।आज महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी सुगमता से बाबा महाकाल के दर्शन श्रद्धालुओं को हो रहे हैं यह बाबा महाकाल का आशीर्वाद है कि उज्जैन में विकास की गंगा बह रही है। प्रदेश को भी उज्जैन के विकास मॉडल का एक नया रूप मिला है। उज्जैन धार्मिक सांस्कृतिक नगरी के साथ ही व्यापारिक नगरी के रूप में भी स्थापित हो गया है उज्जैन उन सभी विशेषताओं के साथ देश में भी अपनी पहचान बना रहा है ।सिंहस्थ 2028 को भी हम भव्य रूप में प्रस्तुत करेंगे। इसके लिए उज्जैन वासी समर्पण के साथ हर काम में सहयोग कर रहे हैं । उज्जैन व्यापार मेला वाहनों के कर छूट के साथ ही व्यवस्थित रूप से अन्य उत्पादों को भी विक्रय करने के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस मेले के शुभारंभ के साथ ही नगर निगम को 4 करोड़ से अधिक की आय प्राप्त हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उज्जैन व्यापार मेला जो कीर्तिमान स्थापित कर रहा है उसके लिए उन्होंने उज्जैन की जनता को साधुवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर खरीदने वाले नागरिकों को कर की चाबी भी सौंपी।

