रंगो ने उकेरी चेतावनी, शब्दों ने जगाई चेतना

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इंदौर पुलिस के "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान में- कला, साहित्य और संवेदनाओं के माध्यम से बच्चों/युवाओं ने की नशामुक्त समाज की आवाज बुलंद
3 वर्षीय मासूम बच्ची और स्पेशल चिल्ड्रन बने कार्यक्रम की प्रेरणादायक पहचान, सभी को दिया "नशे से दूरी है जरूरी" का संदेश
आदित्य शर्मा
इंदौर। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 (Say No to Drugs)" जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत युवाओं एवं विद्यार्थियों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से 21 जुलाई 2026 को अभय प्रशाल, जंजीरवाला चौराहा, इंदौर में विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत पेंटिंग, रंगोली, स्लोगन लेखन, कविता एवं निबंध लेखन तथा ओपन माइक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं की थीम "नशे को कहें 'ना', नशामुक्त समाज का करें निर्माण" रखी गई थी। प्रतिभागियों ने अपनी कला, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से एक स्वर में संदेश दिया कि "नशे से दूरी है ज़रूरी।"

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर अति पुलिस आयुक्त नगरीय श्री मयंक अवस्थी, पुलिस उपायुक्त ज़ोन-03 श्री अभिषेक रंजन तथा अति पुलिस उपायुक्त (क्राइम) श्री राजेश दंडोतिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी, विभिन्न स्कूल/कॉलेज के प्रतिभागी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। साथ ही सभी को शपथ दिलाकर, नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी दिलाया।

पुलिस आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग, रंगोली, स्लोगन, कविता एवं निबंधों का अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों की सराहना की। प्रतिभागियों की कलाकृतियों में नशे के दुष्परिणामों का प्रभावी चित्रण और समाज को जागरूक करने का सशक्त संदेश देखने को मिला।

???? मासूम आवाज़ और विशेष प्रतिभाओं ने जीता सभी का दिल
कार्यक्रम की सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक झलक तब देखने को मिली, जब महज़ 3 वर्ष की एक मासूम बच्ची ने अपने निष्कपट अंदाज़ में सभी से नशे से दूर रहने की मार्मिक अपील की। 

इसके साथ ही स्पेशल चिल्ड्रन (विशेष बच्चों) ने भी अपनी पेंटिंग एवं स्लोगन के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया कि सामाजिक परिवर्तन के लिए संवेदनशील सोच और सकारात्मक संदेश सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियों ने सभी को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया तथा कार्यक्रम को और अधिक भावनात्मक एवं यादगार बना दिया।

प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। प्रत्येक प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार हेतु चयन किया गया है। इन विजेताओं को अभियान के समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रतियोगिता के शीर्ष 10 प्रतिभागियों को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा तथा सभी प्रतिभागियों को Participation Certificate देकर उनकी सहभागिता एवं रचनात्मक योगदान का सम्मान किया जाएगा।

"नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के माध्यम से इंदौर पुलिस कमिश्नरेट समाज के प्रत्येक वर्ग—विशेषकर युवाओं, बच्चों और विद्यार्थियों—को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए यह संदेश दे रही है कि जब कला, साहित्य और संवेदनाएं समाजहित के लिए एकजुट होती हैं, तब जनजागरूकता एक जनआंदोलन का रूप ले लेती है। यही अभियान का उद्देश्य है—नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण।

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