दूषित पेयजल को लेकर कांग्रेस का हमला, 98% पानी के सैंपल फेल होने का दावा
राजेश धाकड़
इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में प्रेस क्लब, इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शहर में दूषित पेयजल और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने दावा किया कि पार्टी द्वारा करवाई गई जांच में इंदौर के 98 प्रतिशत पानी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे और अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य नहीं पाया गया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जांच रिपोर्ट ने नगर निगम और भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर कर दिया है। उनका आरोप था कि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में प्रशासन पूरी तरह असफल साबित हुआ है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाता है, लेकिन यदि नागरिकों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो यह प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण आम नागरिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और नगर निगम इस गंभीर मुद्दे पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नगर निगम और संबंधित विभाग तत्काल प्रभाव से पेयजल व्यवस्था में सुधार करें तथा दूषित जल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही शहरभर में पानी की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई गई।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि शहर में लगातार पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन केवल दावे करने में लगा हुआ है। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस महासचिव संजीव सक्सेना, जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो पार्टी शहरभर में आंदोलन करेगी और जनता के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

