बैठक में जिलाध्यक्ष के सामने कांग्रेसियों में झड़प.. कांग्रेसी नेता ने मंडलम अध्यक्ष को बोले जातिसूचक शब्द!
थाने पहुंचा मामला, पुलिस ने लिया आवेदन
महू। वेदजी के बगीचे में शुक्रवार को आयोजित हुई कांग्रेसियों की बैठक में कांग्रेसी नेता व मंडलम अध्यक्ष की आपस में झड़प हो गई। इस विवाद के दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी मौजूद रहे। जिन्होंने दोनों नेताओं को आपस में छुड़वाया। विवाद यही नहीं थमा, कांग्रेसी नेता ने मंडलम अध्यक्ष को गालियों के साथ जाति सूचक शब्द देकर भारी सभा में अपमानित किया। इस पूरी घटना के बाद पूरा मामला कोतवाली थाने में पहुंचा, जहां पुलिस ने आवेदन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दरअसल, शुक्रवार को जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की मौजूदगी में आगामी 7 मई को होने वाले चक्काजाम को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। जहां महू तहसील के 30 से 35 मंडलम अध्यक्ष, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक चल ही रही थी कि तभी ग्राम दतोदा के रहने वाले मंडलम अध्यक्ष सत्यनारायण मालवीय और दतोदा के रहने वाले कांग्रेसी नेता पूनम चंद पटेल, पीसी राजपूत के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच झड़प भी हो गई। जिसे जिलाध्यक्ष व कांग्रेस नेताओं ने छुड़वाया। इसके बाद मामला थाने जा पहुंचा, जहां पुलिस ने आवेदन लिया है।
जान से मारने की धमकी देकर बोले जाति सूचक शब्द
मंडलम अध्यक्ष सत्यनारायण मालवीय ने कोतवाली थाना महू पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि कांग्रेस के पूनमचंद व पीसी राजपूत ने विवाद के बाद जान से मारने की धमकी दी। भरी सभा में जाति सूचक शब्दों का उपयोग कर बोला कि तेरी एक वोट लेने की औकात नहीं, तुझे कैसे मंडलम अध्यक्ष किसने बना दिया। तू जात का बलाई है। बाहर मत मिल जाना नहीं तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे कोतवाली थाने पर अपने परिवारजनों के साथ शिकायत करने पहुंचे। जहां पुलिस ने आवेदन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कांग्रेसियों के इस आपसी विवाद को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े से फोन पर चर्चा करने की कोशिश भी की गई। परंतु वह फोन पर उपलब्ध नहीं हुए।
पिगडंबर से चलती है कांग्रेस में राजनीति
कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी का दौर तो पूरे चरम पर है ही, वही आए दिन पार्टी के नेता आपस में ही एक दूसरे से झगड़ते हुए भी दिखाई देते हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने यह तक बोल दिया कि कांग्रेस पार्टी की पूरी राजनीति ग्राम पिगडम्बर से ही चलती है। महू के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के नेता को भी कोई तवज्जो नहीं दी जाती है। जिससे कई नेता हताश होकर पार्टी को छोड़ भी चुके हैं। गौरतलब है कि पहले भी राष्ट्रीय नेता महेंद्र जोशी और खरगोन पूर्व विधायक रवि जोशी अपना अपना प्रभार महू की कांग्रेसी गुटबाज राजनीति से त्रस्त होकर छोड़ चुके हैं।

