गहराता ऊर्जा संकट: यूक्रेन के हमलों से रूस का डीजल निर्यात ठप, दुनिया भर में कीमतें बढ़ने की आशंका
नई दिल्ली। रूस के तेल शोधन संयंत्रों और निर्यात ढांचे पर यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने वैश्विक डीजल बाजार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हमलों के कारण रूस की डीजल निर्यात क्षमता को बड़ा झटका लगा है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से भी ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इन दोनों मोर्चों पर संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की उपलब्धता घटने और कीमतें ऊंची बने रहने की आशंका है। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के डीजल निर्यात में सितंबर- अक्टूबर में अब तक में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 75 प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार यूक्रेन ने रविवार से अब तक रूस पर एक हजार से अधिक ड्रोन से हमले किए। यह इस साल के सबसे बड़े हमलों में शामिल था। इन हमलों में रूस के महत्वपूर्ण तेल ढांचे को निशाना बनाया गया। सेंट पीटर्सबर्ग स्थित एक तेल निर्यात टर्मिनल में आग लगने की खबर भी सामने आई। सेंट पीटर्सबर्ग रूस का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गृहनगर भी है।
यूक्रेन के हमलों का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। कोलंबिया विश्वविद्यालय के सेंटर ऑन ग्लोबल एनर्जी पॉलिसी की रूसी तेल उद्योग विशेषज्ञ तातियाना मित्रोवा के मुताबिक, पहले जहां रूस पर कुछ दर्जन ड्रोन से हमले होते थे, अब सैकड़ों ड्रोन एक साथ इस्तेमाल किए जा रहे हैं। यूक्रेन रूसी क्षेत्र के भीतर काफी दूर स्थित ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। जुलाई में साइबेरिया के ओम्स्क में रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर हमला इसका उदाहरण है। यह स्थान यूक्रेन से एक हजार मील से अधिक दूर है।
साभार अमर उजाला

