डिजिटल डाकघर का दम, लेकिन पोस्टल ऑर्डर हुआ गुम!
करैरा में उपभोक्ता लगा रहे चक्कर, जिम्मेदार बेखबर
हेमंत कुमार भार्गव शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ
करैरा। एक ओर केंद्र सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से देशभर के डाकघरों का आधुनिकीकरण कर उन्हें डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर करैरा उप डाकघर में एक बुनियादी सेवा पोस्टल ऑर्डर की अनुपलब्धता उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार करैरा उप डाकघर में लंबे समय से 50 रुपये का पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध नहीं है। जब इस संबंध में उप डाकघर के जिम्मेदार कर्मचारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि इसके लिए हेड ऑफिस शिवपुरी से संपर्क किया जाए। वहीं शिवपुरी स्तर पर भी पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध न होने की बात सामने आई।
स्थानीय उपभोक्ताओं भारत कुमार शर्मा का कहना है कि उन्हें पोस्टल ऑर्डर लेने के लिए कई-कई बार उप डाकघर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब मिलता है कि पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध नहीं हैं।
हेमंत कुमार उपभोक्ताओं ने बताया कि वे दस-दस बार उप डाकघर पहुंचे, लेकिन एक बार भी उन्हें पोस्टल ऑर्डर नहीं मिल सका।
डाकघरों में डिजिटल सुविधाएं तो हैं, लेकिन मूलभूत सेवा गायब
विडंबना यह है कि डाक विभाग डिजिटल इंडिया के तहत ऑनलाइन और आधुनिक सेवाओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है, लेकिन आज भी अनेक शासकीय और वैधानिक कार्यों में उपयोग होने वाला पोस्टल ऑर्डर उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोगों को डिजिटल सुविधा के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है।
हकीकत
"डाकघर अब डिजिटल हो गए हैं, कंप्यूटर चमक रहे हैं, इंटरनेट दौड़ रहा है, लेकिन पोस्टल ऑर्डर शायद किसी डिजिटल फाइल में अटक गया है। उपभोक्ता काउंटर पर खड़े हैं और जवाब मिल रहा है—'हेड ऑफिस में पूछ लो'। सवाल यह है कि जब एक साधारण पोस्टल ऑर्डर की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो फिर आम आदमी आखिर अपनी शिकायत किस डाक से भेजे?"
स्थानीय नागरिकों ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि करैरा सहित जिले के सभी उप डाकघरों में पोस्टल ऑर्डर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

