सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन महासंघ की जिला स्तरीय बैठक, प्रबंधकारिणी समिति का गठन

  • Share on :

नारद राम नेताम अध्यक्ष, राम कीर्तन ध्रुव को सचिव की जिम्मेदारी; जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाने पर जोर
छुरा। सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति महासंघ जिला गरियाबंद की जिला स्तरीय बैठक प्रेरक समिति गरियाबंद के संयुक्त तत्वावधान में जय मां गरजई धाम, धमना के प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक में गरियाबंद, मैनपुर और छुरा विकासखंड की सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत मां गरजई धाम की पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान जिले में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने, वन अधिकारों के संरक्षण और प्रबंधन कार्यों को बेहतर बनाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

प्रेरक समिति के प्रमुख आर.जी. सिन्हा ने वनाधिकार अधिनियम 2006, वनाधिकार नियम 2012 और पेसा कानून 1996 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि जिन गांवों को सामुदायिक वन अधिकार प्राप्त हुए हैं, वहां वन संसाधनों का संरक्षण और उनका सुचारु प्रबंधन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रबंधन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने, समिति की नियमावली तैयार करने तथा आय-व्यय का लेखा-जोखा और रोकड़ पंजी का उचित संधारण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समितियां अपने पारंपरिक जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ बिगड़े वनों के सुधार के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम कर सकती हैं। इसके अंतर्गत पौधारोपण, नर्सरी तैयार करने और पारंपरिक बीजों से सीड बॉल बनाने जैसे कार्यों को कार्ययोजना में शामिल किया जा सकता है। बैठक का संचालन प्रेरक कार्यकर्ता रोहिदास यादव ने किया। उन्होंने वन क्षेत्रों की पारंपरिक सीमाओं का सम्मान करते हुए पौधारोपण करने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में वन भूमि को लेकर आपसी विवाद की स्थिति निर्मित न हो।

बैठक में बताया गया कि गरियाबंद जिले की सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समितियों को छह क्लस्टर में विभाजित किया गया है। इनमें जतमई, मिलकुआ, नवागढ़ी, बाजाघाटी, मलेवा और गरजई क्लस्टर शामिल हैं। सभी क्लस्टरों से जिला स्तरीय साधारण सभा में 24 पदाधिकारियों का गठन पूर्व में किया जा चुका है। इसी क्रम में जिला स्तर पर समितियों को उचित दिशा, मार्गदर्शन और समन्वय प्रदान करने के उद्देश्य से प्रबंधकारिणी समिति का चयन किया गया। इसमें ग्राम धमना के नारद राम नेताम को अध्यक्ष, ग्राम सड़क परसुली की दीपिका ध्रुव को उपाध्यक्ष, ग्राम तालेसर के राम कीर्तन ध्रुव को सचिव, ग्राम लिटीपारा की यमुना मरकाम को कोषाध्यक्ष, ग्राम बारुका के रामचरण कंवर को उपकोषाध्यक्ष और ग्राम महाडुला के यशवंत नागेश को उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

प्रबंधकारिणी समिति में ग्राम कामेपुर के उदेराम नेताम, ग्राम डूमरबहरा के भागसिंह को संरक्षक बनाया गया। वहीं ग्राम सातधार के रामलाल गड़िया, ग्राम टोईयामुड़ा के रामसिंग, ग्राम पतोरादादर के देवसिंग नेताम, ग्राम गोनबोरा के भानुराम नेताम, ग्राम ढहीबाहरा के टेलर मरई, मैनपुर क्षेत्र के ग्राम डुमरबुडरा के चैतूराम तथा ग्राम धमना के रमेश कुमार को समिति की बैठक में शामिल किया गया। बैठक के समापन पर उपस्थित सभी प्रबंधन समिति सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। बैठक में गठित प्रबंधकारिणी समिति से जिले में सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा और समितियों के बेहतर संचालन के लिए समन्वित प्रयास करने की अपेक्षा जताई गई।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper