डिजिटल टैक्सेशन और OSR (ओएसआर) प्रबंधन में जनपद पंचायत कटनी टॉप पर
जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर की सतत् निगरानी और प्रभावी निर्देश होने लगे फलीभूत,सुखद नतीजे आना प्रारंभ
ग्राम पंचायतों के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम,ऑनलाइन कर भुगतान हेतु किया जा रहा व्यापक प्रचार प्रसार
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
कटनी । "ऑन सोर्स रेवेन्यू" अर्थात OSR प्रबंधन के अंतर्गत ऑनलाइन भुगतान प्राप्ति प्रणाली (Payment Gateway) द्वारा कर/ फीस भुगतान प्राप्ति में जिले में,जनपद पंचायत कटनी नम्बर एक के साथ टॉप पर और जिला पंचायत कटनी कर/फीस भुगतान प्राप्त करने में प्रदेश स्तर पर अग्रणी जिलों में शामिल है। जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर द्वारा की जा रही प्रति दिवस सतत् निगरानी और प्रभावी निर्देश और प्रयासों के परिणाम फलीभूत होने लगे हैं। सार्थक प्रयास और नतीज़ों की बात करें तो जनपद पंचायत कटनी 7.55 लाख रुपए की कर बसूली कर सभी जनपद पंचायतों में अब्बल है। जनपद पंचायत कटनी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रदीप सिंह बताते हैं कि डिजिटल टैक्सेशन को बढ़ावा देने ग्राम पंचायतों में अनिवार्य एवं वैकल्पिक कर जैसे जल कर, स्वच्छता कर, संपत्ति कर, प्रकाश कर एवं अन्य करों आदि का विवरण मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम एवं शासन के निर्देशों के अनुसार आरोपित कर राशि अंकित करते हुए फ्लेक्स बैनर के माध्यम से व्यापक तौर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। ग्रामीण जनों में इसको लेकर खासी जागरूकता और अपनी जिम्मेदारी का एहसास है।
सुश्री कौर की अपील, "नागरिक सेवा पोर्टल" से करें करों का नियमित भुगतान
जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर ने ग्राम पंचायतों को आत्म निर्भर एवं स्वावलंबी बनाने में स्वयं के आय के स्रोत में वृद्धि हेतु कर एवं फीस भुगतान प्राप्ति को एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया है। उन्होंने ग्रामीण जनों से आग्रह किया है कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और बुनियादी मूलभूत सुविधाओं के उपयोग के बदले नागरिक सेवा पोर्टल एवं Online Payment Gateway के माध्यम से आरोपित कर और फीस का ऑनलाइन डिजिटल भुगतान नियमित रूप से करें। वे आगे कहती हैं कि ग्राम पंचायतों के स्वावलंबन की दिशा में कर/फीस OSR (ओएसआर) प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है जिसमें आप सभी की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारी से भरी है।
डिजिटल भुगतान इसलिए है जरूरी...
समय की बचत- डिजिटल ऑनलाइन भुगतान करने से समय की बचत होती है। पलक झपकते सेकेंडों में भुगतान हो जाता है।
पारदर्शिता- डिजिटल भुगतान में पूरी तरह से पारदर्शिता होती है। जिसमें भ्रष्टाचार और काले धन पर रोक लगती है।
सुविधाजनक - डिजिटल भुगतान में कैश या पर्स रखने की आवश्यकता नहीं होने के साथ एटीएम की लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं है।
सुरक्षा- नगद चोरी होने या खोने का जोखिम नहीं होता। लेनदेन के पिन और ओटीपी सुरक्षित होते हैं।
लेनदेन का रिकॉर्ड- ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड होता है। जो सुरक्षित और चाहे जब रसीद के साथ देखा जा सकता है।

