जिला कौशल विकास समिति की बैठक सम्पन्न

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प्रदीप सिंह बघेल 
शहडोल। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिला कौशल विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित योजनाआंे के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु विभिन्न प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण दिलाए जाएं। उन्हेांने कहा कि शहडोल जिले में संचालित उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों का अध्ययन कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक तथा इंजीनियरिंग कॉलेज में कैंपस सलेक्शन के शिविर आयोजित किए जाएं। जिले के पांचों विकासखंडों में वृंदावन ग्रामांे का चयन किया गया है। सभी विभाग के अधिकारी इन ग्रामों का भ्रमण कर अपने विभाग से संबंधित योजनाओं के अनुरूप हितग्राहियों का चयन करें तथा उन्हें लाभान्वित करें। बैठक में प्राचार्य आईटीआई, पॉलीटेक्निक, उद्योग, श्रम, जनजातीय कार्य विभाग, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, अग्रणी बैंक प्रबंधक, हथकरघा, ग्रामोद्योग तथा ओरिएन्ट पेपर मिल अमलई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिक से अधिक युवाओं को औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं उद्योग संस्थाओं में इंटर्नशिप का अवसर उपलब्ध कराएं। इसी तरह प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत जिले में परंपरागत रूप से कार्य करने वाले शिल्पकारों एवं कलाकारों का चिन्हांकन कर उनके कौशल उन्नयन का कार्य किया जाए तथा उनके द्वारा तैयार उत्पाद के विक्रय के लिए शिल्पमेलों का आयोजन भी किया जाए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को छोटे-छोटे अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उनका कौशल उन्नयन किया जाए।
प्राचार्य आईटीआई शहडोल ने बताया कि मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना के माध्यम से युवाओं को औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं संस्थाओं में 1 साल की इंटर्नशिप देकर कार्य में दक्षता लाने का कार्य किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही की न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होना चाहिए।  पॉलीटेक्निक एवं डीग्रीधारी छात्र जिनकी आयु 18 से 29 वर्ष है योजना का लाभ ले सकते हैं। इंटर्नशिप के दौरान इन्हे स्टाईपेंड का भी प्रावधान है।जिसमें 75 प्रतिशत राशि राज्य शासन एवं 25 प्रतिशत राशि संबंधित संस्थान द्वारा भुगतान की जाती है। इंटर्नशिप पूरी होने तक कौशल उन्नयन विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाता है। जिले में 18 युवाओं को योजना का लाभ मिल चुका है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत परंपरागत शिल्पकारों  को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पश्चात जारी प्रमाण पत्र के आधार पर बैंकों द्वारा स्वरोजगार स्थापित करने हेतु बिना गारंटी के 3 लाख रूपए का ऋण दिया जाता है। शासन द्वारा हितग्राही को ऋण पर 5 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। कलेक्टर ने योजना के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं तथा हस्तशिल्प केन्द्र छतवई में काम करने वाली महिलाअेां को कालीन के अतिरिक्त बाजार की मांग के अनुसार अन्य गतिविधियां संचालित करने हेतु प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को लघु अवधि वाले तथा उत्पादक गतिविधियों पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम जिनमें रोजगार की संभावनाएं हों के प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश संबंधित अधिकारियेां को दिए गए।

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