डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की सौगात: 7 विभागों की योजनाओं को 5 साल का विस्तार, 'यंग इंटर्न्स' प्रोग्राम को हरी झंडी

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को एमपी कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न 7 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं को 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। बैठक में मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है।
इसके साथ ही सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों को लेकर स्वीकृति दी गई है। बैठक में मैहर, कटनी जिले के कैमोर और खरगोन जिले के निमरानी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिली है।
मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम
बैठक में "मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम" को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को आगे की कार्यवाही और प्रक्रिया के साथ-साथ नियम और निर्देशों को जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। निशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है।
7 जिलों के लिए एक जिला-एक उत्पाद परियोजना
बैठक में एक जिला-एक उत्पाद परियोजना अंतर्गत चयनित 7 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
सीधी जिले में दरी एवं कारपेट
दतिया में गुड़
अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र
भोपाल में जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद
धार में बाग प्रिंट
सीहोर में लकड़ी के खिलौने
उज्जैन में बटिक प्रिंट
मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नए औषधालयों को मंजूरी
बैठक में भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर, कैमोर तथा निमरानी में 3 नए औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
कहां कितना खर्च होगा बजट
लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों और योजनाओं की निरंतरता के लिए 63 करोड़ 76 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण, पिछड़े और खनिज क्षेत्रों में ग्रामीण अवसंरचना एवं पेयजल आपूर्ति के लिए 6090 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की 10 योजनाओं के लिए 2,064 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के विकास और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 1,645 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 3,773 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। स्टार्ट-अप नीति के क्रियान्वयन और निवेश संवर्धन के लिए 11,361 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
साभार नवभारत टाइम्स 

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