बारह द्वारी रामकथा में राम-सीता विवाह प्रसंग का हुआ भावपूर्ण वर्णन
प्रेमचंद गुप्ता, संवाददाता – महेश्वर
महेश्वर। नगर के बारह द्वारी परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिवस श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का रसपान किया। कथा व्यास पंडित श्री पंकज जी मेहता ने अत्यंत भावपूर्ण शैली में राम-जानकी विवाह का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, प्रेम एवं आदर्शों का दिव्य मिलन है।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि महाराज दशरथ भव्य बारात लेकर जनकपुरी पहुंचे, जहां महाराज जनक ने पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ बारात का स्वागत किया। गुरुजनों एवं ऋषि-मुनियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम एवं माता सीता का पावन विवाह संपन्न हुआ। इस प्रसंग का सजीव वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर हो गए और पूरा कथा पंडाल "सीताराम" एवं "जय श्रीराम" के जयघोष से गूंज उठा।
कथा के अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आरती एवं प्रसाद का लाभ प्राप्त किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

