इंजीनियरिंग की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट रख 3 लाख 12000 की ठगी

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खंडवा। एक तरफ मध्य प्रदेश में साइबर ठगी को लेकर सरकार जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं आम जनता जागरूकता अभियान के बावजूद अगर डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले में ठगी का शिकार हो रही है। कहीं ना कहीं यह पूरी तरह से जनता की लापरवाही है। डिजिटल अरेस्ट का ऐसा ही मामला खंडवा में सामने आया। यहां पर इंजीनियरिंग की छात्रा ने वर्क फ्रॉम होम के दौरान डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। उसे 31 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और 3 लाख 12000 की ठगी कर ली गई।
खंडवा के रामकृष्णागंज की रहने वाली छात्रा जो पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम भी करती है। उसे मोबाइल पर स्काइप वीडियो कॉलिंग के माध्यम से फोन आया। उसने काम के दौरान ही फोन उठा लिया। छात्रा से पहले उसका नाम और उसके पूरे दस्तावेज के बारे में जानकारी देकर बात की गई। ठगों ने बताया कि उसके नाम से दूसरे देश से ड्रग्स तस्करी की शिकायत मिली है। ठगों ने कहा कि ड्रग्स तस्करी में उसका नाम आया हुआ है उस पर ड्रग्स तस्करी का आरोप है। लिहाजा उसे डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है।
वीडियो कॉलिंग के दौरान पुलिस वर्दी को देखकर छात्रा डर गई। ठगों ने उसे घर के सारे खिड़की और दरवाजे बंद करने को कहा गया। छात्र को इतने तक धमकी दी गई अगर उसने किसी को बताया तो तत्काल उसके माता-पिता को भी अरेस्ट कर लिया जाएगा। डरी सहमी छात्रा ने 31 घंटे तक एक ही कमरे में बिताए।
डिजिटल अरेस्ट करने वाले नकली पुलिसकर्मियों ने छात्रा को मानसिक रूप से काफी टॉर्चर किया। उसके दोनों बैंक अकाउंट नंबर के बारे में जानकारी देकर उसके दोनों खाते से 312000 की राशि तत्काल निकाल ली।
साभार नवभारत टाइम्स 

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