बुरहानपुर से दरियापुर होकर ग्रामीण अंचलों तक पहुंच रहा नकली घी और पनीर

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खकनार, डोइफोड़िया और तुकईथड़ बने मुख्य खपत केंद्र; सेहत से खिलवाड़
छापेमारी से पहले ही लीक हो जाती है खबर, नाममात्र की कार्रवाई से बुलंद मिलावटखोरों के हौसले
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नकली खाद्य पदार्थों का अवैध कारोबार अपनी जड़ें तेजी से जमा रहा है। शहर की अवैध डेयरियों और गोपनीय ठिकानों पर तैयार होने वाला मिलावटी व केमिकल युक्त 'नकली घी और पनीर' अब गांवों की थाली में ज़हर घोल रहा है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बुरहानपुर शहर से माल लोड होकर सीधे दरियापुर मार्ग से होते हुए ग्रामीण अंचलों तक पहुँचाया जा रहा है।
 दरियापुर-डोइफोड़िया-खकनार-तुकईथड़ मार्ग बन चुका है, जहाँ से आसपास की दर्जनों छोटी-बड़ी दुकानों, होटलों और मांगलिक कार्यक्रमों के कैटरर्स तक नकली माल खपाया जा रहा है।

सप्लाई रूट और खपत का गणित
मिलावटखोरों ने ग्रामीण इलाकों को आसानी से निशाना बनाया है क्योंकि यहाँ शुद्धता की जाँच के साधन सीमित हैं और असली घी-पनीर की तुलना में यह माल सस्ते दामों पर आसानी से बिक जाता है।
दरियापुर मार्ग: यह बुरहानपुर शहर से माल बाहर भेजने का मुख्य ट्रांजिट पॉइंट बन चुका है। देर रात और सुबह तड़के वाहनों के ज़रिए माल यहाँ से होकर गुज़रता है।
डोइफोड़िया व खकनार: बड़ी आबादी और घनी बस्तियाँ होने के कारण इन कस्बों में खपत की मात्रा सर्वाधिक है।
तुकईथड़ एवं सुदूर गाँव: सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहाँ प्रशासनिक निगरानी बेहद कम रहती है, जिसका फायदा उठाकर मिलावटखोर बिना किसी डर के अवैध बिक्री कर रहे हैं।

कार्रवाई की पोल: पहुँचने से पहले ही मिल जाती है सूचना!
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिला मुख्यालय से कार्रवाई के लिए निकलती है, तो गिरोह के सरगनाओं को इसकी भनक पहले ही लग जाती है।
कुछ समय पूर्व डोइफोड़िया और आसपास के क्षेत्रों में जाँच की औपचारिकता निभाई गई थी, लेकिन टीम के पहुँचने से पहले ही गोदामों और दुकानों से नकली माल हटा दिया गया। नतीजतन, विभाग की कार्रवाई केवल नाममात्र के सैंपल लेने और मामूली जुर्माना लगाने तक ही सीमित रह गई। जाँच ठंडी पड़ते ही यह कारोबार फिर से दोगुनी रफ़्तार से शुरू हो गया।

लंबे समय से जमे अधिकारियों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। जिले में सालों से पदस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों की शिथिलता के कारण ही मिलावटखोरों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

ग्रामीणों की प्रमुख माँगें:
बुरहानपुर से दरियापुर, डोइफोड़िया और खकनार मार्ग पर औचक नाकेबंदी कर वाहनों की जाँच की जाए।
सूचना लीक करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
खाद्य पदार्थों की उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में जाँच कराई जाए और आरोपियों पर गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज हो।

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