डीएसआर तकनीक से धान की सीधी बुवाई के फायदे जान किसानों ने साझा किए अनुभव
नर्सरी तैयार करने और रोपाई की जरूरत नहीं, श्रम एवं प्रारंभिक लागत में बचत की संभावना
डिंडौरी। जिले के अमरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलासर में बीसा (बोरलॉग इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशिया), जबलपुर एवं कृषि विभाग, जिला डिंडौरी के समन्वय से संचालित जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत स्थापित डीएसआर (धान की सीधी बुवाई) प्रदर्शन प्लॉटों का कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती सोहनी ओसवाल एवं बीसा के तकनीकी सहायक श्री चंदन कुमार ने कृषक श्री पोखन सिंह ठाकुर के खेतों का भ्रमण कर धान की फसल की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान किसानों से डीएसआर तकनीक से धान की खेती के अनुभवों और इसके लाभों पर चर्चा की गई।
कम लागत और श्रम की बचत में सहायक है डीएसआर तकनीक
किसानों ने बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की सीधी बुवाई करने पर पारंपरिक पद्धति की तरह पहले नर्सरी तैयार करने और फिर खेत में कीचड़ बनाकर धान की रोपाई करने की आवश्यकता नहीं होती। इससे खेती की प्रारंभिक प्रक्रियाओं में लगने वाले समय और श्रम की बचत होती है। साथ ही, मजदूरों पर होने वाला खर्च कम करने में भी मदद मिल सकती है। किसानों के अनुसार, उचित तकनीकी प्रबंधन और खेत की परिस्थितियों के अनुरूप इस पद्धति को अपनाने से सिंचाई के पानी की बचत की संभावना भी रहती है।
जलवायु अनुकूल खेती की दिशा में उपयोगी पहल
किसानों ने बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों के बीच डीएसआर तकनीक को धान की खेती के लिए एक उपयोगी विकल्प बताया। इस पद्धति में धान के बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं, जिससे पारंपरिक रोपाई की प्रक्रिया में लगने वाले श्रम और समय को कम किया जा सकता है। हालांकि, बेहतर परिणाम के लिए खेत की तैयारी, खरपतवार नियंत्रण, बीज की उचित मात्रा और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
प्रदर्शन प्लॉटों के निरीक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों की जानकारी देना, उनके व्यावहारिक लाभों से परिचित कराना तथा वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। कृषि विभाग एवं बीसा के समन्वय से संचालित यह पहल किसानों को खेती की लागत कम करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के विकल्पों से परिचित कराने में सहायक है।

