फ़ज़ल अहमद भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त, अधिवक्ता अज़हर उद्दीन क़ाज़ी की प्रभावी पैरवी से मिली राहत
ब्यूरो रिपोर्ट ऋषि गोस्वामी शिवपुरी
शिवपुरी। विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) शिवपुरी ने एक महत्वपूर्ण फ़ैसले में फ़ज़ल अहमद को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) व 13(2) के आरोपों से मुक्त कर दिया, हालांकि धारा 420 और 409 आईपीसी के तहत मुकदमा जारी रहेगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ़ज़ल अहमद के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद, वे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने में असफल रहे। इसी आधार पर, विशेष न्यायालय ने फ़ज़ल अहमद को भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त करने का आदेश पारित किया।
अधिवक्ता अज़हर उद्दीन क़ाज़ी ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क प्रस्तुत करते हुए यह साबित किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध करने में असमर्थ रहा। उनके मजबूत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण फ़ैसला सुनाया। हालांकि, आईपीसी की धारा 420 और 409 के तहत मुकदमा जारी रहेगा, और आगामी सुनवाई 25 फरवरी 2025 को होगी।
इस फ़ैसले से फ़ज़ल अहमद और उनके परिजनों को आंशिक राहत मिली है। वहीं, अधिवक्ता अज़हर उद्दीन क़ाज़ी की सफल पैरवी की कानूनी जगत में सराहना की जा रही है। उनके कुशल और प्रभावी तर्कों ने न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
ब्यूरो रिपोर्ट ऋषि गोस्वामी शिवपुरी

