सड़क से रेल तक बाढ़ का कब्जा: असम में ASDMA का अलर्ट, सेना और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गुवाहाटी। असम के विभिन्न जिलों में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं तथा सेना समेत कई एजेंसियां राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं क्योंकि असम के कुछ हिस्सों में पटरियां बाढ़ के कारण जलमग्न हैं। अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में असम में बाढ़ से कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की कुल संख्या 31 हो गई है।
ASDMA की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में 13, चराइदेव में पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक व्यक्ति की मौत हुई। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसमें गोलाघाट, कामरूप, होजई, डिब्रूगढ़, विश्वनाथ, धेमाजी, सोनितपुर, उदलगुरी, नागांव, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और शिवसागर सहित 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ का पानी 24,210.35 हेक्टेयर फसल क्षेत्र में भर गया है और 44 राजस्व मंडलों (रेवेन्यू सर्कल्स) के 872 गांवों को प्रभावित किया है। शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहां 3.59 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद जोरहाट (87,662), चराइदेव (72,646), डिब्रूगढ़ (18,615) और गोलाघाट (16,799) का स्थान है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित 273 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में 1.14 लाख से अधिक लोगों ने शरण ली है।
NDRF, SDRF संग थल और वायु सेना जुटी
इस बीच, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। 19 जुलाई को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) से मिली सूचना के बाद, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने असम के जोरहाट जिले के तेओक राजस्व मंडल के अंतर्गत सेलेन टी एस्टेट के पास सेलेन घाट से बाढ़ प्रभावित पांच लोगों को बचाया।
साभार नवभारत टाइम्स

