पूर्व पार्षद पति सुनील दाभाड़े पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, गिरफ्तारी वारंट के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर

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सह संपादक - दीपक वाड़ेकर 
​इन्दौर। शहर के विजय नगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इन्दौर न्यायालय के आदेश के बाद, पूर्व पार्षद कविता दाभाड़े के पति सुनील दाभाड़े के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
​क्या है पूरा मामला?
​सुखलिया निवासी सुरेश यादव ने आरोप लगाया है कि सुनील दाभाड़े ने साल 2016 में माँ शारदा नगर में एक 20x50 वर्गफीट का प्लॉट ₹10,21,000 में बेचने का अनुबंध किया था।
​पीड़ित ने अनुबंध के पेटे ₹10,00,000 की राशि सुनील को दे दी थी।
​भुगतान प्राप्त करने के बाद भी सुनील दाभाड़े ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए।
​पैसे वापस मांगने पर सुनील ने ₹10 लाख का चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया।
​न्यायालय की शरण में पीड़ित
​पीड़ित सुरेश यादव का आरोप है कि सुनील दाभाड़े ने अपने राजनैतिक रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस पर दबाव बनाया, जिससे लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः पीड़ित ने इन्दौर न्यायालय (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी) में फौजदारी याचिका प्रस्तुत की। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनील दाभाड़े के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करने और विजय नगर थाना प्रभारी को उसे गिरफ्तार करने के आदेश दिए।
​पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
​न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद भी विजय नगर पुलिस अब तक आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी सुनील दाभाड़े गिरफ्तारी से बचने के लिए कई राजनैतिक हथकंडे अपना रहा है और पुलिस को चकमा दे रहा है।
​ऐसे में यह गंभीर सवाल उठता है कि एक साधारण व्यक्ति की जमा पूंजी हड़पने वाला प्रभावशाली व्यक्ति कब तक कानून की आंखों में धूल झोंककर शहर में खुलेआम घूमता रहेगा? क्या विजय नगर पुलिस न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करते हुए आरोपी को जल्द सलाखों के पीछे भेजेगी?

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