स्कूल की घंटी से मौत के सफर तक? करैरा–झांसी मार्ग पर दौड़ती बसों में जान जोखिम में डालने को मजबूर स्कूली बच्चे, सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी
शिवपुरी | जिला ब्यूरो चीफ हेमंत भार्गव
मो. 9584256700
करैरा। शिक्षा का मंदिर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने का माध्यम माना जाता है, लेकिन करैरा–झांसी मार्ग पर चलने वाली कुछ निजी बसों का सफर कई स्कूली विद्यार्थियों के लिए रोजाना जोखिम भरी परीक्षा बनता जा रहा है। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से करैरा नगर अध्ययन के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की छुट्टी के बाद घर लौटते समय बसों के गेट पर लटककर यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह दृश्य न केवल चिंताजनक है, बल्कि यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिवपुरी–करैरा–झांसी मार्ग पर संचालित कुछ बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। भीड़ इतनी अधिक होती है कि अनेक स्कूली बच्चों को बस के दरवाजे पर लटककर सफर करना पड़ता है। आश्चर्यजनक बात यह है कि ऐसे दृश्य कई बार संबंधित थानों और प्रशासनिक कार्यालयों के सामने से गुजरते हुए भी दिखाई देते हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ बसों का रंग-रोगन तक पूरी तरह उड़ चुका है और उनकी स्थिति जर्जर दिखाई देती है। कई बसों की नंबर प्लेट भी स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है, जिससे वाहन की पहचान करना भी कठिन हो जाता है। इसके बावजूद ये वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज गति से दौड़ते देखे जा सकते हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव है। आपातकालीन स्थिति में उपयोग होने वाले फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन सुरक्षा उपकरण, वृद्धजनों एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए सुरक्षित आरक्षित सीटों जैसी सुविधाएं कई बसों में उपलब्ध नहीं मिलीं। ऐसे में किसी दुर्घटना या आकस्मिक स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा गंभीर संकट में पड़ सकती है।
परिवहन नियमों का उद्देश्य केवल वाहनों का संचालन नहीं, बल्कि प्रत्येक यात्री की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। यदि नियमों का पालन नहीं होता और प्रशासन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि करैरा–झांसी–शिवपुरी मार्ग पर संचालित बसों का विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाए, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रतिदिन हजारों यात्रियों और स्कूली बच्चों का सफर सुरक्षित एवं मंगलमय बन सके।
✍️ न्यायोचित बात:
"स्वयं गलत करना और सामने गलत होते देखकर भी मौन रहना—दोनों ही समाज और व्यवस्था के प्रति अपराध की श्रेणी में आते हैं। सुरक्षित यातायात केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।"

