मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर इंदौर जिले की गंभीर नदी को मिल रहा नया जीवन
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने किया गंभीर नदी पुनर्जीवन कार्यों का निरीक्षण
जनसहभागिता एवं विभागीय समन्वय से गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प
आदित्य शर्मा
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर पवित्र जानापाव धाम से की गई गंभीर नदी पुनर्जीवन की घोषणा अब धरातल पर प्रभावी रूप से आकार ले रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने शुक्रवार को गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और संभावनाओं का जायजा लिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन एसडीएम महू श्री राकेश परमार तहसीलदार श्री विवेक सोनी और जनपद पंचायत महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरिराज दुबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वर्मा ने गंभीर नदी के उद्गम क्षेत्र सहित विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं, नदी तटों, प्रस्तावित चेकडैम स्थलों, जलग्रहण क्षेत्र उपचार कार्यों तथा भूजल पुनर्भरण के लिए प्रस्तावित हस्तक्षेपों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी पुनर्जीवन कार्यों को मिशन मोड में संचालित करते हुए जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन के स्थायी परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि गंभीर नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि मालवा अंचल की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर गंभीर नदी को पुनः अविरल और निर्मल बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान नदी तटों पर वृक्षारोपण, जलग्रहण क्षेत्र विकास, कंटूर ट्रेंच, बोल्डर चेकडैम, लूज बोल्डर संरचनाएं, रिचार्ज शाफ्ट, खेत तालाब तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मनरेगा, जल गंगा संवर्धन अभियान एवं अन्य विभागीय योजनाओं के अभिसरण से अधिकतम जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन विभाग, वन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों द्वारा गंभीर नदी पुनर्जीवन के लिए तैयार कार्ययोजना, प्रस्तावित संरचनाओं और ग्रामवार हस्तक्षेपों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्री वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा क्षेत्र में भूजल स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण ही भविष्य का संरक्षण है। गंभीर नदी का पुनर्जीवन केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में इंदौर जिले का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जनसहभागिता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के माध्यम से क्षेत्र की जल सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

