पायलट के डोप टेस्ट में फेल होने पर भड़की सरकार: एअर इंडिया को दी हिदायत, DGCA को नियम सख्त करने के निर्देश
नई दिल्ली। सरकार ने एअर इंडिया को संचालन और निगरानी में सुधार करने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी लेने की कड़ी चेतावनी दी है। इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन नियामक डीजीसीए को ड्रग-टेस्टिंग नियमों में जल्द से जल्द बदलाव करने और अनिवार्य जांच से गुजरने वाले विमानन कर्मचारियों का दायरा बढ़ाने का आदेश दिया है।
सरकार ने विमानन नियामक को निर्देश दिया है कि जो लोग प्रतिबंधित ड्रग्स के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सजा के कड़े प्रावधान लागू किए जाएं। वहीं, जिन कर्मचारियों के टेस्ट परिणाम किसी डॉक्टर द्वारा लिखी गई मेडिसिन के कारण पॉजिटिव आते हैं, उन्हें स्पष्टीकरण के लिए अतिरिक्त मौके दिए जाएं।
गौरतलब है कि 4 अगस्त को 145 यात्रियों को ले जा रही एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान AI 2379 में बड़ी तकनीकी खराबी देखने को मिली थी। इस उड़ान के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया था।
सूत्रों के अनुसार, पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया है कि व्यक्तिगत समस्याओं के कारण नींद की गोलियां खानी पड़ी थीं, इसी वजह से उसका डोप टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके अलावा, केबिन क्रू द्वारा शिकायत किए जाने के बाद विमान में पायलट के व्यवहार की भी कड़ी जांच की जा रही है।
जून में हुए एअर इंडिया के अहमदाबाद हादसे की अंतिम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है, अब एअर इंडिया के साथ एक और बड़ी घटना हो गई, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। सरकार ने उड़ान AI 2379 की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है, दोषियों पर गाज गिरना तय है।
उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने एअर इंडिया के शीर्ष प्रबंधन को दो टूक शब्दों में कह दिया है कि एयरलाइन को अपनी जिम्मेदारी लेनी होगी और जांच में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
साभार दैनिक जागरण

