विदिशा में 70वीं राज्य स्तरीय शालेय वॉलीबॉल और मलखंब प्रतियोगिता का भव्य समापन

  • Share on :

धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
विदिशा। स्थानीय जिला खेल परिसर में स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित 70वीं राज्य स्तरीय शालेय वॉलीबॉल और मलखंब प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण और गरिमामयी माहौल में सफलतापूर्वक समापन हुआ। पांच दिनों तक चले इस खेल महाकुंभ में प्रदेश भर के विभिन्न संभागों से आए युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल और अद्भुत प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह के दौरान रोमांचक फाइनल मुकाबले आकर्षण का केंद्र रहे, जहां खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
रोमांचक फाइनल मुकाबलों के परिणाम प्रतियोगिता के अंतिम दिन खेले गए वॉलीबॉल के खिताबी मुकाबलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।  वॉलीबॉल बालिका 17 वर्ष आयु वर्ग  नर्मदापुरम संभाग ने शानदार खेल दिखाते हुए रीवा संभाग को 2-0 सेट से हराकर प्रथम स्थान अपने नाम किया। रीवा संभाग की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि जबलपुर संभाग ने तृतीय और इंदौर संभाग ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।वॉलीबॉल बालक वर्ग में जबलपुर और जनजाति कार्य विभाग के बीच हुआ फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। जबलपुर की टीम ने कड़े मुकाबले में 2-0 सेट से जीत दर्ज कर प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। जनजाति कार्य विभाग को उपविजेता बनकर द्वितीय स्थान से संतोष करना पड़ा। इस वर्ग में इंदौर ने तृतीय और रीवा संभाग ने चतुर्थ स्थान हासिल किया। मलखंब प्रतियोगिता में उज्जैन संभाग सभी वर्गों में प्रथम स्थान अर्जित किया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पूजन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष गीता कैलाश रघुवंशी, जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार, प्रतियोगिता नोडल अधिकारी एस.पी. सिंह जाटव, जिला खेल अधिकारी प्रशांत रघुवंशी, और संयोजक प्राचार्य खजान सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं विधायक मुकेश टंडन ने कहा कि खेल में हार-जीत से ज्यादा महत्वपूर्ण खेल भावना होती है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में कोई प्रथम आता है तो कोई द्वितीय, लेकिन सच्ची खेल भावना वही है जो हमें असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ना और जीतना सिखाती है। जिला पंचायत अध्यक्ष गीता कैलाश रघुवंशी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और समर्पण की भावना को जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। जिला खेल अधिकारी प्रशांत रघुवंशी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए समस्त विभागों के साथ सहयोगियों , तकनीकी अधिकारियों और संभागों से आए दलों का आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी पंकज भार्गव ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता के समापन के पश्चात सभी खिलाड़ियों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए उनके आवास स्थलों से रेलवे स्टेशन तक सुरक्षित वाहन की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे किसी भी खिलाड़ी या दल को अपनी ट्रेन पकड़ने में कोई असुविधा न हो। कार्यक्रम के दौरान अंबेश सोनी, भूपेंद्र शर्मा , राजेंद्र यादव,सर्वेश व्यास,अनिल सोनी,  रविकांत नामदेव, रंजीता सोलंकी, अंजनी त्रिपाठी,कुलदीप भारती, सुरेश साहू,मानस श्रीवास्तव, शशांक शर्मा और निशांक जैन विशेष रूप से मौजूद रहे। पूरे मंच का आकर्षक और प्रभावी संचालन हुकुम सिंह सूर्यवंशी एवं ऋषि शर्मा द्वारा किया गया। देशभक्ति गीतों के साथ इस पांच दिवसीय भव्य खेल आयोजन का समापन हुआ।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper