गुरु पूर्णिमा : गुरु का प्रकाश ही जीवन की सच्ची दिशा
संपादकीय
– निर्मला माता श्री को समर्पित
गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, सेवा और आत्मिक जागरण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का दीप प्रज्वलित करते हैं।
इस पावन अवसर पर हम पूज्य नर्मला माता श्री के चरणों में श्रद्धा एवं नमन अर्पित करते हैं। उनके स्नेह, सरलता, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और मानव सेवा का संदेश असंख्य लोगों के जीवन में नई आशा और सकारात्मक परिवर्तन का कारण बना है। उनका जीवन हमें प्रेम, करुणा, सत्य, सेवा और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है।
आज के भौतिकवादी युग में, जब जीवन अनेक चुनौतियों और भ्रमों से घिरा है, तब गुरु का मार्गदर्शन ही सही दिशा प्रदान करता है। गुरु हमें केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि जीवन को सार्थक, संयमित और मूल्यवान बनाने की कला भी सिखाते हैं।
गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व हमें संकल्प दिलाता है कि हम अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलें, समाज में सद्भाव, नैतिकता और मानवता का संदेश फैलाएँ तथा अपने जीवन को सेवा और संस्कारों से आलोकित करें।
रणजीत टाइम्स परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं पाठकों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
पूज्य नर्मला माता श्री का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्बुद्धि का प्रकाश सदैव बना रहे।

