हिट-लिस्ट का खौफ: ईरान ने UN को लिखी चिट्ठी, इजरायल पर लगाया 'स्टेट टेररिज्म' का आरोप
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट की जंग के बीच अब मामला अंतरराष्ट्रीय मंच पर और गर्म हो गया है. ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को एक औपचारिक चिट्ठी लिखकर बड़ा आरोप लगाया है कि उसके दो शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रची जा रही है.
इन दोनों नेताओं में एक विदेश मंत्री अब्बास अराघची और एक संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ हैं. हाल ही में खबर आई थी कि इजरायल ने इन दोनों को अपनी 'हिट-लिस्ट' से अस्थायी तौर पर हटा दिया है, ताकि जंग खत्म करने के लिए बातचीत की गुंजाइश बनी रहे.
लेकिन अब ईरान का दावा है कि यह 'राहत' सिर्फ दिखावटी है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि मीडिया रिपोर्ट्स यह संकेत देती हैं कि इन नेताओं की हत्या के लिए एक ऑपरेशनल प्लान तैयार किया गया था.
चिट्ठी में साफ लिखा गया है कि "इन दोनों नेताओं को अस्थायी रूप से निशाने से हटाने का मतलब यह नहीं है कि खतरा खत्म हो गया है, बल्कि यह दिखाता है कि खतरा अब भी वास्तविक, जानबूझकर और लगातार बना हुआ है." ईरान ने इस कथित योजना को "स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म" यानी राज्य प्रायोजित आतंकवाद करार दिया है.
यह घटना ऐसे समय सामने आया है, जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान को लेकर एक अहम बैठक होने वाली है. बताया जा रहा है कि यह बंद कमरे में होने वाली बैठक रूस की मांग पर बुलाई गई है, जिसमें अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चर्चा होगी.
इस पूरे घटनाक्रम की टाइमिंग काफी अहम मानी जा रही है. एक तरफ जंग जारी है, दूसरी तरफ पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं. पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और तेहरान-वॉशिंगटन के बीच संवाद की कोशिश कर रहे हैं.
साभार आज तक

