इंसानियत अभी जिंदा है: अनजान के लिए 'देवदूत' बने दिनेश गांधी खोखसर
बालोतरा/ सुमेर दाधीच। जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जब अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला गीता को 'B Positive SDP' की सख्त जरूरत थी और उनका कोई अपना साथ नहीं था, तब मारवाड़ रक्त सेवा संस्थान के वॉट्सएप ग्रुप पर एक संदेश फ्लैश हुआ।
संस्थान की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले ऊर्जावान रक्तदाता श्री दिनेश जी गांधी ने जैसे ही यह पुकार सुनी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए केवल एक कॉल पर अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया और उस अनजान महिला की जान बचाई।
दिनेश गांधी जैसे निस्वार्थ नायकों की बदौलत ही आज कई रोशन हैं। संस्थान आपके इस जज्बे को सलाम करता है! ????
इस पुनीत कार्य के दौरान मारवाड़ रक्त सेवा संस्थान जोधपुर के अध्यक्ष बुधाराम सांखला, सोशल मीडिया एडिटर महेंद्र परिहार, ब्लड बैंक स्टाफ डॉ. आशुतोष, उम्मेद सिंह जी राजपुरोहित, ताज मोहम्मद, विक्रम परिहार, रमेश, सुरेंद्र आदि उपस्थित रहे।
रक्तदान महादान - मानवता ही सर्वोपरि!

