बिजली के तार हटाने को लेकर विवाद, प्राचार्य के समर्थन में सैकड़ों शिक्षक थाने पहुंचे

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थाना प्रभारी कुसुम गोयल को सौंपा आवेदन, निष्पक्ष जांच और विद्यालय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग
अतुल जैन 
बामौरकलां। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बामौरकलां के प्राचार्य मुकेश कुमार शर्मा और एक महिला के बीच बिजली के तार हटाने को लेकर उपजे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्राचार्य के समर्थन में जनशिक्षा केंद्र से जुड़े लगभग सैकड़ों शिक्षक एकजुट होकर बामौरकलां थाने पहुंचे और थाना प्रभारी कुसुम गोयल को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

शिक्षकों द्वारा पुलिस अधीक्षक शिवपुरी के नाम दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि प्राचार्य और उनके परिवार को SC/ST एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है। आवेदन में कहा गया है कि प्राचार्य द्वारा महिला के साथ किसी प्रकार की जातिसूचक टिप्पणी, अभद्रता अथवा मारपीट नहीं की गई। शिक्षकों ने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाए।

(बच्चों की सुरक्षा को लेकर हटाए गए थे बिजली के तार)

प्राचार्य मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने जून माह में कनिष्ठ यंत्री, विद्युत विभाग खनियांधाना को आवेदन देकर विद्यालय की बाउंड्री के आसपास डाले गए बिजली के तारों को हटाने तथा विद्युत पोल लगाए जाने का अनुरोध किया था। प्राचार्य के अनुसार, इन तारों के कारण विद्यालय के बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया।

प्राचार्य ने बताया कि बरसात के दौरान बच्चों ने खेल मैदान में करंट आने और तार पड़े होने की शिकायत की। किसी संभावित हादसे की आशंका को देखते हुए उन्होंने वहां से तार हटवाए और विद्यालय की स्वयं की बिजली केबल को दूसरी बल्लियों पर सुरक्षित तरीके से स्थापित कराया।

(5 तारीख को हुआ विवाद)

प्राचार्य के अनुसार, तार हटाए जाने से नाराज होकर 5 तारीख को सुबह करीब 10:45 बजे लक्ष्मी जाटव नामक महिला ने विद्यालय के बाहर उन्हें रोका और तार हटाने को लेकर सवाल किया। प्राचार्य का आरोप है कि महिला ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा वीडियो बनाए जाने की बात भी उन्होंने कही है।

मुकेश कुमार शर्मा का कहना है कि घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं, लेकिन उनके अनुसार वीडियो को काट-छांटकर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम का मूल एवं पूरा वीडियो सामने लाकर जांच करने की मांग की है।

(विद्यालय की जमीन पर अतिक्रमण का भी आरोप)

प्राचार्य ने प्रशासन के समक्ष विद्यालय की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अनाधिकृत कब्जा किए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर विद्यालय परिसर और आसपास की भूमि का निरीक्षण कराने तथा यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

(शिक्षकों ने रखीं ये प्रमुख मांगें)

थाना प्रभारी कुसुम गोयल को सौंपे गए आवेदन में शिक्षकों ने मांग की कि महिला की ओर से दी जाने वाली किसी भी शिकायत पर कार्रवाई से पहले मामले की वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष प्राथमिक जांच कराई जाए। घटना के समय विद्यालय में मौजूद शिक्षक स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं के बयान लिए जाएं और उपलब्ध वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए।

शिक्षकों ने यह भी मांग की कि यदि शिकायत झूठी पाई जाती है तो कानून के दुरुपयोग के प्रयास पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्राचार्य एवं उनके परिवार को सुरक्षा और न्याय प्रदान किया जाए।

आवेदन में शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्राचार्य के विरुद्ध झूठा प्रकरण दर्ज किया जाता है तो खनियांधाना ब्लॉक के शिक्षक धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। महिला पक्ष का बयान सामने आने तथा पुलिस जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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