जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण में आरोपी को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत 20 वर्ष का कारावास एवं ₹7,500 का अर्थदंड
घटना का संक्षिप्त विवरण
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। फरियादिया के अनुसार, वह दिनांक 28 मई 2023 को अपने गांव से पेटलावद कोचिंग जाने के लिए निकली थी। बस स्टैंड पर उसने पेटलावद की ओर जा रहे एक अज्ञात मोटरसाइकिल सवार (आरोपी राजसिंह राजपूत, निवासी बोडायता) से लिफ्ट ली। आरोपी उसे पेटलावद ले जाने के बजाय करवड़ और रानीसिंग के रास्ते रतलाम ले गया, जहाँ उसने पीड़िता को एक किराए के कमरे में 23 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध लगातार उसके साथ बलात्कार किया तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
घटना के कुछ दिनों पश्चात, रतलाम बाजार में सामान खरीदने के दौरान पीड़िता ने एक अज्ञात व्यक्ति के मोबाइल से अपने परिवार को संपर्क कर पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीड़िता के भाई रतलाम पहुँचे और उसे आरोपी के चंगुल से मुक्त कराकर वैधानिक कार्रवाई हेतु थाने लेकर आए।
थाना पेटलावद पर अपराध क्रमांक 437/2023, धारा 363, 376(2)(N), 506, 344 भादवि (IPC) एवं धारा 5(L)/6 पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
उक्त प्रकरण में विवेचना निरीक्षक राजू सिंह बघेल द्वारा की गई।
न्यायालयीन निर्णय
माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) झाबुआ न्यायधीश राकेश कुमार पाटीदार द्वारा दिनांक 03.11.2026 को निर्णय पारित किया गया। न्यायालय ने आरोपी राजसिंह उर्फ राजवीरसिंह पिता राजेन्द्र सिंह राजपूत (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बोडायता, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ) को दोषी सिद्ध ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹7,500 के अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी मनीषा मुवेल, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी, झाबुआ द्वारा की गई।

