UNGA में भारत का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार: ओसामा बिन लादेन और 9/11 का जिक्र कर घेरा, कहा- 'सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन'
नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने जवाब दिया है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने भारत के जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा.
पेटल गहलोत ने कहा, 'आज दोपहर महासभा ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब टिप्पणियां सुनीं. यह ऐसे समय में हुआ है, जब न्यूयॉर्क शहर और दुनिया ने 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई है.'
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी है, क्योंकि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था. उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इसी संस्था के सामने गहरी श्रद्धा दिखाई. पेटल गहलोत ने कहा कि यह सब उस बात से ही उम्मीद की जा सकती है, जिसे खुद पाकिस्तानी लोग 'फॉर्म 47 सरकार' कहते हैं.
पेटल गहलोत ने कहा, 'हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर एक ऐसे शासन की ओर से पाखंडी उपदेश सुने, जिसकी राजधानी इस समय अपने ही लोगों के खिलाफ मजबूत की जा रही है. और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि यह सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन है. उनके कठपुतली आते-जाते रह सकते हैं, लेकिन हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि फैसले कौन करता है.'
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की वास्तविकता उसके 27वें संशोधन और उसके वास्तविक शासक को दी गई आजीवन प्रतिरक्षा में व्यक्त होती है.' उन्होंने आगे कहा, 'हमने जो विचार सुने, वे उन लोगों की ओर से आए हैं, जिनका कट्टरता और नफरत का लंबा रिकॉर्ड रहा है. वे दिन में सुरक्षा बनाए रखने का दावा करते हैं, जबकि रात में वास्तव में आतंकवाद को अंजाम देते हैं.'
गहलोत ने कहा, 'इस महासभा में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर उन लोगों की ओर से टिप्पणियां की गईं, जिनका मुख्य आधार ईशनिंदा कानून हैं. दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है. कोई भी पवित्र उपदेश दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता.'
साभार आज तक

