भारतीय रक्षा कंपनियों पर ऑर्डरों की बारिश: कंपनियों के पास काम का अंबार, HAL को ऑर्डर पूरा करने में लगेंगे 8-9 साल
नई दिल्ली। रक्षा क्षेत्र में भारत लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। देश की सार्वजनिक रक्षा कंपनियों को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पहली बार 9 सरकारी कंपनियों के पास पांच लाख करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर बुक हो चुके हैं। स्थिति यह है कि अब ये कंपनियां कोई नया ऑर्डर नहीं ले पा रही हैं।
रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पास सबसे ज्यादा 260960 करोड़ के ऑर्डर आए हैं। इनमें वायुसेना, नौसेना के लिए विमानों के निर्माण के अलावा मौजूदा विमानों के रखरखाव और हेलीकाप्टरों के निर्माण का काम शामिल है। इन ऑर्डर को पूरा करने में एचएएल को आठ से नौ साल का समय लग सकता है। यानी, अगर अब एचएएल को और कोई ऑर्डर मिला तो वह उस पर 10 साल बाद काम शुरू कर सकेगा। दूसरा विकल्प यह होगा कि कंपनी नया कारखाना शुरू करे।
दूसरे नंबर पर भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) के पास 73400 करोड़ के ऑर्डर हैं। यह तीनों सेनाओं के लिए रक्षा उपकरणों का निर्माण करता है जिनमें रडार, मिसाइल से जुड़े कल-पुर्जे, रक्षा संचार सिस्टम आदि शामिल हैं। वहीं, सेनाओं के लिए विभिन्न श्रेणियों के वाहन बनाने वाले भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) को 16395 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

