इंदौर में हुआ जीवित माँ पूजन महोत्सव, मातृ सम्मान और भाईचारे का दिया संदेश
सद्गुरु स्वामी श्री अरुणानंद जी महाराज साहेब के सान्निध्य में हुआ आयोजन, बच्चों ने किया माताओं का पूजन
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। नवरात्रि के पश्चात बासी दशहरे के पावन अवसर पर एक तू ही जयगुरूदेव के तत्वावधान में जीवित माँ पूजन महोत्सव का भव्य आयोजन प्रीतमलाल दुआ सभा गृह, इंदौर में किया गया। सद्गुरु स्वामी श्री अरुणानंद जी महाराज साहेब के सान्निध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मातृ सम्मान, पारिवारिक संस्कार, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को यह प्रेरणा देना था कि माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा ही जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सद्गुरु स्वामी श्री अरुणानंद जी महाराज साहेब ने जीवित माँ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि माँ का सम्मान ही सच्ची पूजा है। उन्होंने लोगों को अपनी माताओं के प्रति प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया।
महोत्सव के दौरान विभिन्न माताओं को आमंत्रित किया गया। उनके बच्चों ने अपनी माताओं का पूजन कर उन्हें उपहार भेंट किए। वहीं, संस्था की ओर से गणमान्य नागरिकों एवं समाजसेवियों के माध्यम से भी माताओं का सम्मान किया गया। इस दौरान माताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए परिवारों में प्रेम, एकता और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया गया।
गणमान्य अतिथियों ने किया माताओं का सम्मान
कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री श्री दिलीप राजपाल एवं सर्व धर्म अध्य्क्ष मंजूर बैग, रियाज़ खान,शफीक बाबा वारसी, परदेसीपुरा थाना सब इंस्पेक्टर दुर्गा सूर्यवंशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती रंजना बघेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अतिथियों ने माताओं का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा इस पहल की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जीवित माँ के सम्मान, सेवा और आशीर्वाद के लिए समय निकालना चाहिए। माँ को सम्मान देना, उनकी जरूरतों का ध्यान रखना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना नई पीढ़ी में अच्छे संस्कार विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
देशभर में जीवित माँ पूजन की पहल का आह्वान
आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि जीवित माँ का पूजन केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज को जोड़ने वाली एक प्रेरणादायी पहल है। जब बच्चे अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, तो परिवार में आपसी प्रेम बढ़ता है और समाज में सद्भाव एवं भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
संस्था की ओर से देशभर में इस प्रकार के आयोजन करने की प्रेरणा दी गई, ताकि लोग अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आगे आएं।
आयोजकों ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम में एक तू ही गुरुद्वार जयगुरूदेव विश्व प्राकृतिक आध्यात्मिक ध्यान मंदिर के अध्यक्ष बाल योगी मौनी ब्रह्मचारी महंत श्री यशवर्धन महाराज साहेब एवं सचिव माँ साध्वी श्री अनंता देवी ने अतिथियों, माताओं और उपस्थित गणमान्य नागरिकों का स्वागत एवं सम्मान किया।
जीवित माँ पूजन महोत्सव ने समाज को यह संदेश दिया कि माँ जीवन की प्रथम गुरु और संस्कारों की आधारशिला हैं। माँ के प्रति श्रद्धा, सम्मान और सेवा की भावना ही परिवार की वास्तविक समृद्धि तथा समाज में प्रेम और सद्भाव का आधार है।

