मई माह में इंदौर मंडी की आय में सुधार, 13 माह बाद दर्ज हुई वृद्धि

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पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। कृषि उपज मंडी समिति इंदौर की मई 2026 की आय के आंकड़ों में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। मंडी समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 13 महीनों के बाद मंडी की वास्तविक मासिक आय में वृद्धि दर्ज की गई है।
मई 2025 में जहां वास्तविक मंडी शुल्क प्राप्ति 4 करोड़ 28 लाख 28 हजार 966 रुपये थी, वहीं मई 2026 में यह बढ़कर 4 करोड़ 31 लाख 44 हजार 367 रुपये हो गई। इससे मंडी की आय में सकारात्मक वृद्धि का संकेत मिला है।
हालांकि अप्रैल-मई 2026 की संचयी अवधि में मंडी शुल्क प्राप्ति 8 करोड़ 93 लाख 64 हजार 871 रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह आंकड़ा 10 करोड़ 26 लाख 95 हजार 630 रुपये था। मंडी समिति का कहना है कि आयातित तुअर (दलहन) पर दी गई छूट और गेहूं उपार्जन से प्राप्त होने वाले मंडी शुल्क के कारण वास्तविक आय प्रभावित दिखाई दे रही है।
समिति के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में आयातित तुअर पर 1 करोड़ 56 लाख 86 हजार 902 रुपये की छूट दी गई है। वहीं गेहूं उपार्जन से मंडी समिति को 1 करोड़ 61 लाख 3 हजार 9 रुपये मंडी शुल्क प्राप्त होना है।
यदि शासन के नियमानुसार उपार्जन का मंडी शुल्क प्राप्त हो जाता है तथा दलहन पर दी गई छूट को भी आय में शामिल किया जाए, तो मंडी समिति की कुल संभावित आय 12 करोड़ 11 लाख 54 हजार 782 रुपये तक पहुंच सकती है। इस स्थिति में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17.97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होगी। वहीं केवल मई माह के आंकड़ों में यह संभावित वृद्धि 48.93 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
मंडी समिति के सचिव ने बताया कि वित्तीय प्रबंधन और व्यापारिक गतिविधियों में सुधार के चलते आय में सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। शासन स्तर से प्राप्य राशि प्राप्त होने पर मंडी की वित्तीय स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

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