समझौते से मिला न्याय, पक्षकारों का बढ़ा विश्वास
विशेष लोक अदालत में जिला न्यायाधीश हिदायत उल्ला खान एवं मजिस्ट्रेट रिजवाना कौसर की खंडपीठों ने तीन चेक बाउंस मामलों का कराया सफल राजीनामा
देपालपुर। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,इंदौर के अध्यक्ष प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश माननीय अजय श्रीवास्तव के निर्देशन में व्यवहार न्यायालय देपालपुर में चेक बाउंस प्रकरणों के त्वरित, प्रभावी एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से आयोजित विशेष लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। विशेष लोक अदालत हेतु गठित दो खंडपीठों ने पक्षकारों को समझाइश एवं मध्यस्थता के माध्यम से समझौते के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप तीन चेक बाउंस प्रकरणों का आपसी राजीनामे के आधार पर सफल निराकरण हुआ तथा छह लाख अस्सी हजार आठ सौ पैंतीस रुपये की वसूली राशि का अवार्ड पारित किया गया।
विशेष लोक अदालत की प्रथम खंडपीठ के पीठासीन अधिकारी जिला न्यायाधीश श्री हिदायत उल्ला खान तथा द्वितीय खंडपीठ की पीठासीन अधिकारी वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती रिजवाना कौसर रहीं। दोनों खंडपीठों ने धैर्यपूर्वक पक्षकारों की बातें सुनते हुए उन्हें आपसी समझौते के लाभ बताए, जिससे वर्षों से लंबित विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाप्त हो सके।
इस अवसर पर जिला न्यायाधीश एवं तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष श्री हिदायत उल्ला खान ने कहा कि लोक अदालत न्याय को सरल, सुलभ, त्वरित एवं मानवीय स्वरूप प्रदान करने का अत्यंत प्रभावी माध्यम है। विशेष रूप से चेक बाउंस जैसे आर्थिक विवादों में आपसी सहमति से समाधान होने पर समय, धन एवं ऊर्जा की बचत होती है और दोनों पक्ष सम्मानपूर्वक विवाद से मुक्त होकर नए विश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय का उद्देश्य केवल निर्णय देना ही नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सद्भाव, सौहार्द और न्याय के प्रति आस्था को सुदृढ़ करना भी है।
सीनियर सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती रिजवाना कौसर ने कहा कि राजीनामे के माध्यम से विवादों का समाधान न्याय व्यवस्था की सबसे सकारात्मक उपलब्धियों में से एक है। इससे पक्षकारों के बीच आपसी विश्वास कायम रहता है, अनावश्यक मुकदमेबाजी समाप्त होती है तथा न्याय शीघ्र, सुलभ और प्रभावी रूप से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और न्यायिक संवेदनशीलता को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण मंच है।
इस अवसर पर खंडपीठों के सुलहकर्ता सदस्य अधिवक्ता जितेंद्र वर्मा एवं अधिवक्ता पीयूष बाथम, अधिवक्ता संघ की कोषाध्यक्ष रजनी पवार, न्यायालयीन कर्मचारी ज्ञानेश्वर इंग्ले, वीरेंद्र जाटव, तुलसीराम कुशवाह, विकास राठौर, आशिक चौहान, आदिल खान, रामकृष्ण पाल एवं राकेश घोरसे उपस्थित रहे।
विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन पर पक्षकारों ने संतोष व्यक्त करते हुए न्यायालय के प्रयासों की सराहना की। न्यायिक परिवार ने भी अधिक से अधिक योग्य एवं पात्र प्रकरणों का लोक अदालत के माध्यम से निराकरण कर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जनहितकारी बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

