बिजली कटौती से झुलस रहा खकनार तहसील: न आंधी, न तूफान फिर भी रात में घंटों गुल हो रही बत्ती; सिरपुर बिजली ग्रिड पर ग्रामीणों का उग्र हंगामा
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
भीषण गर्मी और असहनीय उमस के बीच बुरहानपुर जिले के खकनार तहसील अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। लगातार हो रही लोड शेडिंग और देर रात घंटों बिजली बंद रहने से तंग आकर ग्राम सिरपुर के दर्जनों ग्रामीण बिजली ग्रिड पर एकत्र हो गए और विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन व हंगामा किया। ग्रामीणों की केवल एक ही प्रमुख मांग है—रात के समय किसी भी हाल में बिजली कटौती बंद की जाए।
रात 9 से 10 और 2 से 3 बजे तक बत्ती गुल, बच्चे हो रहे बीमार
खकनार तहसील के अधिकांश गांवों में बिजली कंपनी द्वारा लोड शेडिंग के नाम पर मनमाने तरीके से कटौती की जा रही है। विशेषकर रात 9 से 10 बजे और रात 2 से 3 बजे के बीच बिजली बंद कर दी जाती है, जिससे लोग नींद पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस कड़ाके की उमस और गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल हैं। स्थिति यह बन चुकी है कि गांवों में बच्चे बीमारी की चपेट में आने लगे हैं।
'न आंधी, न तूफान... फिर क्यों काटी जा रही बिजली ?'
ग्रिड पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि मौसम पूरी तरह साफ है। न तो कोई आंधी चल रही है और न ही कोई तूफान आया है, जिससे फॉल्ट की गुंजाइश हो। इसके बावजूद सिर्फ खकनार तहसील के ही गांवों को निशाना बनाकर घंटों बत्ती गुल की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पहले ही उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है, जिससे वातावरण में उमस चरम पर है। ऐसे में रात-रात भर बिजली कटौती करना प्रशासनिक तानाशाही और लापरवाही को दर्शाता है।
अधिकारियों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा
विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। शिकायत करने के बाद भी सिर्फ लोड शेडिंग का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द से जल्द रात की बिजली कटौती पूरी तरह बंद नहीं की गई और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।

