महू-अकोला रेल परियोजना: अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक सीआरएस ट्रायल सफल, 135 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

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महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर/तुकईथड़। महू-अकोला रेल मार्ग के ब्रॉड गेज कन्वर्जन का कार्य एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर गया है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ तक नवनिर्मित ट्रैक पर सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सफल परीक्षण के बाद क्षेत्रवासियों में रेल सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है।
135 किमी/घंटा की गति से हुआ ट्रायल
पिछले आठ दिनों से चल रही तैयारियों के बाद हुए इस ट्रायल में ट्रेन को 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। परीक्षण के दौरान तुकईथड़, रत्नापुर और अमुल्ला खुर्द रेलवे स्टेशनों को विशेष रूप से सजाया गया था। रेलवे ट्रैक के निर्माण में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों में इस सफलता को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
अधिकारी और प्रशासनिक मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण ट्रायल के दौरान नांदेड़ डिवीजन के डीआरएम संदीप पाण्डेय, सीआरएस अधिकारी सहित सेंट्रल रेलवे और पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी ने इस खंड के पूर्ण होने की गंभीरता को दर्शाया।
क्या बोले डीआरएम ?
ट्रायल के बाद नांदेड़ डिवीजन के डीआरएम संदीप पाण्डेय ने बताया कि अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक का सीआरएस ट्रायल सफल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान कुछ छोटी-मोटी कमियां पाई गई हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। हालाँकि, जब रेल सेवा शुरू होने की समय सीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि नियमित ट्रेनें कब से चलेंगी।
दशकों से चला आ रहा इंतज़ार
गौरतलब है कि महू-अकोला रूट जो 31 दिसंबर 2016 तक मीटर गेज लाइन थी, उसके ब्रॉड गेज में परिवर्तन का कार्य पिछले करीब 10 वर्षों से चल रहा है। इस सफल ट्रायल के बाद अब क्षेत्र के निवासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रेलवे प्रशासन जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू करेगा, या फिर यात्रियों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

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