मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर मंत्री श्री सिलावट ने माना आभार, किसानों को मिठाई खिलाकर खुशियां जाहिर की
इन्दौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में संपन्न हुई मंत्री-परिषद की बैठक में किसान कल्याण वर्ष 2026 पर किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के भूअर्जन पर भूमि का मुआवजा दो गुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना करने पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर उन्होंने निज निवास पर सैकडों किसानों को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया और फटाके फोडकर खुशियां जाहिर की।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवजी ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मध्यप्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम 2015 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का मार्ग प्रशस्त किया। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सडक, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे लाईन, बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी और किसान परिवारों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि उपसमिति सदस्य मंत्री श्री राकेश सिंहजी, मंत्री श्री चेतन्य कश्यपजी ने किसान हित में अनुशंसा की थी। जिसमें अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करते हुए विभिन्न किसान संगठन, केडाई, सीआईआई और फिक्की से चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की थी। प्रदेश सरकार के इस पारदर्शी और किसान हितैषी निर्णय से प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को लाभ होगा।
इस अवसर पर पूर्व कृषि मंडी अध्यक्ष दयाराम चौधरी, सरपंच विक्की यादव, अनिल सेठ, मामराज जायसवाल, मुकेश पटेल, केदार मेहता, विनोद पटेल, सुरेशसिंह, यशवंत डाबी, मनोज मिश्रा आदि उपस्थित रहे।

