नंदगोपाल सेठ के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर, हजारों लोगों ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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सेवा, सरलता और सहृदयता के लिए सदैव स्मरण किए जाएंगे सेठ जी — वक्ताओं ने साझा किए जीवन के प्रेरक प्रसंग
रणजीत टाईम्स न्यूज़ शिवपुरी जिला ब्यूरो हेमंत भार्गव*
करैरा। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं वरिष्ठ व्यवसायी श्री नंदगोपाल जी सेठ के निधन से करैरा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। 6 अक्टूबर 2026 को उनके निधन के पश्चात बुधवार, 7 अक्टूबर को आयोजित शोकसभा में नगर एवं आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों एवं साहित्यकारों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए उन्हें समाजसेवा, सरलता, सहृदयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यक्तित्व बताया।
श्री नंदगोपाल जी सेठ, श्री गोविन्द जी, श्री गगन जी एवं श्री दीपक सेठ, एल्डरमैन नगर परिषद करैरा के पूज्य पिताजी तथा श्री प्रदीप कुमार जी सेठ के बड़े भाई थे। उनके निधन की खबर मिलते ही नगर में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास, नगरिया मोहल्ला वार्ड क्रमांक 02 से श्री हनुमान धारा (ईदगाह) मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई, जहां परिजनों, मित्रों एवं नगरवासियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
साहित्य और शिक्षा के प्रति भी था अनुराग
श्रद्धांजलि सभा में नगर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उनके जीवन से जुड़े अनेक आत्मीय प्रसंग साझा किए। साहित्यकार घनश्याम योगी ने उनके साथ अपनी मित्रता को याद करते हुए बताया कि एक समय उनके घर में बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं था। जब उन्होंने अपनी परेशानी नंदगोपाल सेठ जी के समक्ष रखी तो सेठ जी ने सहज भाव से कहा कि उनके घर के कुछ कमरे खाली हैं और वहां बच्चों को शिक्षा देने का कार्य किया जा सकता है। उनका यह व्यवहार उनकी उदारता और शिक्षा के प्रति सम्मान का परिचायक था।
वहीं साहित्यकार प्रमोद भारती ने कहा कि नंदगोपाल जी सेठ तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और तीनों भाइयों के बीच अद्भुत प्रेम, आत्मीयता और समर्पण देखने को मिलता था। उनका पारिवारिक स्नेह क्षेत्र के लोगों के लिए भी एक मिसाल रहा। उन्होंने कहा कि सेठ परिवार का पुश्तैनी व्यवसाय कपड़ों का रहा है, जो आज भी संचालित है।
भगवान शिव के अनन्य भक्त थे सेठ जी
वक्ताओं ने बताया कि नंदगोपाल जी सेठ भगवान शिव के अनन्य भक्तों में से एक थे। धार्मिक आस्था के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों से भी गहराई से जुड़े हुए थे। जरूरतमंदों और दीन-दुखियों की सहायता करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। वे बिना किसी दिखावे के लोगों की मदद करने में सदैव तत्पर रहते थे।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित करैरा के प्रतिष्ठित व्यवसायी भोगीलाल बिलैया ने उनके जीवन को स्मरण करते हुए कहा कि नंदगोपाल जी सेठ ने जीवनभर जरूरतमंद लोगों की सहायता की और समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशील रहे। उनका सहज, सरल और मददगार स्वभाव उन्हें आमजन के बीच विशिष्ट पहचान देता था।
पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक सरोकारों की मिसाल
वक्ताओं ने उनके वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि उनका विवाह उत्तर प्रदेश के बबीना नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं सामाजिक-राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवार में हुआ था। अपने पारिवारिक जीवन के साथ उन्होंने सामाजिक दायित्वों को भी सदैव महत्व दिया।
शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि नंदगोपाल सेठ का जीवन केवल एक सफल व्यवसायी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे संवेदनशील इंसान के रूप में याद किया जाएगा, जिसने अपने संबंधों को पूरी आत्मीयता से निभाया। मित्रों के लिए वे भरोसेमंद साथी, परिवार के लिए स्नेह और मार्गदर्शन का आधार तथा समाज के जरूरतमंदों के लिए सदैव मदद का हाथ बने रहे।
उनके निधन से परिवार ने एक स्नेहिल अभिभावक खोया है, वहीं करैरा  ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है जिसकी सहजता, सेवा भावना और मानवीय संवेदनाएं लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रहेंगी।
शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
ॐ शांति।

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