देश में कुदरत का कहर: जम्मू-कश्मीर से असम तक तबाही, 43 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई
नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में मानसून आफत बनकर बरसा है, जहां बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से 43 से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है, जबकि असम में 57 हजार से अधिक लोग सेना और वायुसेना की मदद के भरोसे सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।
देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन के कारण अलग-अलग राज्यों में कम से कम 43 लोगों की मौत हो चुकी है। असम से लेकर जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक हफ्ते तक मानसून की यह आक्रामक स्थिति बरकरार रहने वाली है।
उत्तर और पूर्वी भारत में कुदरत का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिला है। अकेले इन क्षेत्रों में हादसों के कारण 22 लोगों की मौत दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में शनिवार रात बादल फटने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। मलबे और उफनते नालों के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे सड़कें पूरी तरह ठप हैं।
बादल फटने से मौतें: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में बादल फटने के कारण 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 लोग अब भी लापता हैं।
वाहन बहे: राजौरी की सुखतो नदी में आई अचानक बाढ़ में न्यू बस अड्डे के पास खड़े दर्जनों वाहन ताश के पत्तों की तरह बह गए।
यात्राएं स्थगित: खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा के बाद अब माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
उत्तराखंड में अलर्ट: हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई है। राज्य के देहरादून और ऋषिकेश सहित 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
सड़कें बंद: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
दिल्ली-एनसीआर को राहत: दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण उमस के बाद आज मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
साभार अमर उजाला

