प्रशासन की लापरवाही पड़ी भारी: हिंडन के जलस्तर से करहेड़ा की कॉलोनियां जलमग्न, 500 मकान बाढ़ की चपेट में
गाजियाबाद। हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण और जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लेने का परिणाम यह हुआ कि शनिवार रात करीब 500 से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में आ गए। कई परिवार रात के समय ही अपने मकानों में ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
वहीं, कुछ परिवार रविवार सुबह अपना समान समेटते नजर आए। आखिरकार जब बाढ़ में कई मकान घिर गए तब जाकर जिला प्रशासन ने करहेड़ा की अलग-अलग कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए दोपहर बाद अलर्ट जारी करवाया और उन्हें सूचना दी कि हिंटन का जलस्तर बढ़ रहा है कभी भी पानी आ सकता है। ऐसे में लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
प्रशासन और सिंचाई विभाग का दावा था कि जीडीए ने लोहापुल के पास इतनी सफाई करवा दी गई है कि जलस्तर कुछ घंटों में नीचे आने लगेगा। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए करहेड़ा कंपोनिट विद्यालय में चाढ़ राहत शिविर भी लगा दिया गया है, लेकिन कोई भी अभी तक राहत शिविर में नहीं पहुंचा है। वहीं, हिंडन का जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा कारणों से सिटी फरिस्ट को लगातार दूसरे दिन भी आम लोगों के लिए बंद रख गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
साभार नवभारत टाइम्स

