छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग, पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रखेगी एनएसयूआई
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
कटनी। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था, कटनी के विकास और जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संगठन की आगामी रणनीति और मांगों को सामने रखा।
अजय खटिक ने कहा कि एनएसयूआई द्वारा दायर जनहित याचिका पर हाल ही में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने छात्रसंघ चुनाव को लेकर निर्देश दिए हैं। एनएसयूआई की मांग है कि प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएं, ताकि विद्यार्थी स्वयं अपने प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कर सकें।
पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रहेगा
पत्रकार वार्ता में कटनी में पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का विरोध जारी रखने की बात कही गई। एनएसयूआई ने कहा कि छात्रों और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए संगठन इस व्यवस्था का हर स्तर पर विरोध करेगा। साथ ही कटनी में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और शासकीय लॉ कॉलेज की स्थापना की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने, रोजगारपरक एवं उपयोगी पाठ्यक्रम शुरू करने, कॉलेजों के अधोसंरचना में सुधार तथा तिलक कॉलेज को स्वायत्त महाविद्यालय का दर्जा देने की मांग की। अजय खटिक ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
भाजपा जनप्रतिनिधियों पर विकास की अनदेखी का आरोप
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने भाजपा जनप्रतिनिधियों पर कटनी के विकास की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कटनी को शासकीय मेडिकल कॉलेज नहीं मिल पाना जिले की जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने सांसद वीडी शर्मा और विधायक संदीप जायसवाल से इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
दिव्यांशु मिश्रा ने कहा कि विधायक लखन घनघोरिया द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई जानकारी ने कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर किए जा रहे दावों की वास्तविकता सामने ला दी है। उन्होंने कहा कि विकास की स्थिति ऐसी है कि जिले की जनता को छोटी-छोटी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है।
नशे और सट्टे पर कार्रवाई की मांग
दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने जिले की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मैक, गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और सट्टे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नशे तथा सट्टे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई की मांग की।
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि छात्र हित, शिक्षा व्यवस्था, शासकीय मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, लॉ कॉलेज और जिले की मूलभूत समस्याओं को लेकर संगठन का संघर्ष जारी रहेगा और आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मद इसराइल, युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रंधेलिया, कमल पांडे, आईटी सेल प्रदेश उपाध्यक्ष शशांक गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष सचिन गर्ग, अभिषेक प्यासी और पार्षद विनीत जैसवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस संस्करण में आपके दिए गए सभी प्रमुख नेताओं और उपस्थित पदाधिकारियों के नाम शामिल कर दिए गए हैं।

