राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर डिंडौरी जिले में बच्चों एवं युवाओं को खिलाई गई कृमिनाशक दवा
डिंडौरी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 2026 के अवसर पर डिंडौरी जिले में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं विद्यार्थियों तथा निर्धारित आयु वर्ग के हितग्राहियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, महाविद्यालयों तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय डिंडौरी में आयोजित हुआ, जिसमें शहपुरा विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे, डिंडौरी विधायक श्री ओमकार सिंह मरकाम एवं कलेक्टर डिंडौरी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने बच्चों को अपने हाथों से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
जिले में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2 लाख 96 हजार 56 बच्चों एवं विद्यार्थियों तथा 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग के 52 हजार 799 महिला-पुरुषों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया। कृमि संक्रमण से बचाव के लिए समय-समय पर कृमिनाशक दवा का सेवन महत्वपूर्ण है। एल्बेंडाजोल के सेवन से शरीर में कृमि संक्रमण को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार, एनीमिया की रोकथाम, सीखने की क्षमता तथा विद्यालय में उपस्थिति में सुधार होता है। दीर्घकाल में स्वस्थ बच्चों की कार्यक्षमता एवं उत्पादकता बढ़ाने में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे ने बच्चों से कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर दी जा रही एल्बेंडाजोल की गोली सभी बच्चों को अवश्य लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दवा पेट में होने वाले कृमि संक्रमण से बचाव में उपयोगी है और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की सलाह दी। विधायक श्री धुर्वे ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और बेहतर सीखने की क्षमता का विकास होता है। उन्होंने सभी बच्चों से अपील की कि वे स्वयं दवा लें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी स्वच्छता एवं कृमि संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक करें।
कृमि संक्रमण मुख्यतः संक्रमित मिट्टी के संपर्क, स्वच्छता की कमी तथा दूषित भोजन-पानी के माध्यम से फैल सकता है। इसलिए कृमि मुक्ति अभियान के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता, शौचालय का उपयोग, भोजन से पहले एवं शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा स्वच्छ पेयजल के उपयोग के प्रति भी बच्चों एवं आमजन को जागरूक किया गया। जिला प्रशासन ने अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

