समान नागरिक संहिता पर जन परामर्श बैठक सम्पन्न
उच्च स्तरीय समिति ने विभिन्न पक्षों से संवाद कर लिए सुझाव
आमजन से 15 जून तक ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित
इन्दौर। मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की जन परामर्श बैठक आज शनिवार को जाल सभागृह, इंदौर में आयोजित की गई। बैठक में समान नागरिक संहिता से जुड़े सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों तथा विभिन्न वर्गों से सुझाव प्राप्त किये गए।
बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य श्री शत्रुघन सिंह (सेवानिवृत्त भा.प्र.से.) ने की । इस अवसर पर समिति के अन्य सदस्य श्री अनूप नायर (कानूनविद), श्री गोपाल शर्मा (शिक्षाविद) एवं श्री बुधपाल सिंह (सामाजिक कार्यकर्ता) भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री श्रवण चावड़ा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री गोपीकृष्ण नेमा सहित अन्य जन प्रतिनिधि आदि ने भी शामिल होकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए । कलेक्टर श्री शिवम वर्मा तथा समिति के सचिव श्री अजय कटेसरिया भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पत्रकारों तथा गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के श्री शत्रुघन सिंह ने समिति गठन के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा गठित यह उच्च स्तरीय समिति विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। जनपरामर्श बैठकों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। समिति द्वारा प्रदेशभर के जिलों में जाकर नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। आमजन से सुझाव प्राप्त करने के लिए एक विशेष वेबसाइट का निर्माण भी किया गया है। ज्ञात रहे कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश की वेबसाइट का विमोचन किया। वेबसाइट के माध्यम से नागरिक अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
बैठक में बताया गया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक नागरिक समिति की वेबसाइट ucc.mp.gov.inपर अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राज्यों में इस दिशा में कार्य प्रारंभ हुआ है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से इस विषय पर सुझावों का संकलन एवं विचार-मंथन किया जाएगा, ताकि नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए समग्र एवं व्यवहारिक अनुशंसाएं तैयार की जा सके।

