खार कलां में 15 लाख की सीसी सड़क पर उठे सवाल, अधूरे निर्माण के बीच पूरे भुगतान का दावा
जम्नालाल के घर से दिलीप के घर तक होना था निर्माण, ग्रामीणों को नहीं दी गई कार्य की पूरी जानकारी; सड़क पर लागत और निर्माण अवधि का भी उल्लेख नहीं
खार कलां। संवाददाता :- पुनीत सेन
जनपद पंचायत खालवा के अंतर्गत ग्राम पंचायत खार कलां के वार्ड क्रमांक 03 में जम्नालाल के घर से दिलीप के घर तक सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। करीब 15 लाख रुपये की लागत वाले इस कार्य का ठेका ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, जबकि कार्य की पूरी राशि का भुगतान हो चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार मौके पर सड़क का निर्माण एक हिस्से में हुआ है, लेकिन जम्नालाल के घर से दिलीप के घर तक पूरा मार्ग तैयार नहीं किया गया। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि यदि निर्माण अधूरा है तो कार्य की पूरी राशि का भुगतान किस आधार पर किया गया।
सड़क पर नहीं दी गई कोई जानकारी
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मौके पर बनी सड़क के पास ऐसा कोई सूचना-पट्ट या विवरण दिखाई नहीं देता, जिससे ग्रामीणों को यह पता चल सके कि सड़क की कुल लागत कितनी है, इसका निर्माण कब कराया गया, कितनी लंबाई स्वीकृत है और कार्य किस योजना के अंतर्गत कराया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के संबंध में लागत, निर्माण अवधि, स्वीकृत लंबाई अथवा अन्य आवश्यक जानकारी का मौके पर कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों के सामने यह सवाल बना हुआ है कि आखिर सड़क का कार्य कितनी राशि में और निर्धारित मापदंड के अनुसार कितना किया जाना था।
पंचायत दर्पण में उपलब्ध जानकारी के अनुसार उक्त कार्य “सीमेंटीकरण कार्य जम्नालाल के घर से दिलीप के घर तक खर कलां” के नाम से दर्ज है। इसमें कार्य की राशि से संबंधित जानकारी भी दर्ज है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर कार्य से जुड़ी कोई स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई है।
माप पुस्तिका सामने आने पर स्पष्ट होगी स्थिति
इस मामले में अब निर्माण की माप पुस्तिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें दर्ज माप से यह स्पष्ट हो सकता है कि सड़क की स्वीकृत लंबाई कितनी थी और मौके पर वास्तव में कितनी सड़क का निर्माण किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक निर्माण की पूरी माप, भुगतान संबंधी जानकारी और अन्य अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि निर्माण से संबंधित सभी अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं और मौके पर सड़क की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।
सचिव ने सोमवार तक जानकारी देने की बात कही
मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सचिव राधेश्याम बारे ने ग्रामीणों से कहा था कि उन्हें सोमवार तक कार्य से संबंधित जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिली है।
ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले को लेकर पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद निर्माण और भुगतान से जुड़ी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
वहीं इस मामले में सरपंच की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।
अब ग्रामीणों की नजर पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी पर है। माप पुस्तिका, स्वीकृत कार्य, वास्तविक निर्माण और भुगतान के अभिलेख सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 15 लाख रुपये के इस कार्य में स्वीकृत कार्य के अनुसार कितना निर्माण हुआ और मौके पर कितनी सड़क बनाई गई।

