दुर्लभ अग्नि तपस्या ने छितरी ग्राम को बनाया आस्था का केंद्र
करैरा (शिवपुरी): करैरा नगर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित छितरी ग्राम इन दिनों गहरी आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। यहां के प्राचीन मठ मंदिर में एक संत द्वारा की जा रही कठिन अग्नि तपस्या लोगों के आकर्षण का प्रमुख कारण बन गई है। इस अनोखे आध्यात्मिक दृश्य को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मठ मंदिर परिसर में संत चारों ओर जलती अग्नि के बीच बैठकर कठोर साधना कर रहे हैं। यह तपस्या अत्यंत दुर्लभ और कठिन मानी जाती है, जिसे देखने के लिए प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। गांव का शांत माहौल अब मेले जैसे दृश्य में बदल चुका है।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने इस प्रकार की तपस्या पहले कभी नहीं देखी। लोगों के अनुसार, यह उनके लिए एक अद्भुत और सौभाग्यपूर्ण अनुभव है।
एक श्रद्धालु ने बताया, “हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि हमें यह दिव्य दृश्य देखने का अवसर मिला।”
मान्यता है कि अग्नि तपस्या आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का एक माध्यम होती है। संत पूरी निष्ठा और नियमों के साथ साधना में लीन हैं, वहीं ग्रामीण भी सेवा और व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।
इस अद्भुत संगम ने छितरी ग्राम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया है, और यह दृश्य लोगों के बीच श्रद्धा और विश्वास को और मजबूत कर रहा है।
40 दिन की यह कठोर अग्नि तपस्या लोगों के आस्था का केंद्र बिन्दु बना हुआ है जिसका आज पहला दिन था ।
रणजीत टाईम्स न्यूज से हेमंत भार्गव शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ

