रेड सेण्ड बोआ स्नेक को तस्करो के चंगुल से छुड़ाया, दो व्यक्तियों के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया

  • Share on :

दिलीप पाटीदार 
सरदारपुर ( धार )। वन मण्डल अधिकारी श्री विजयानंथम टी.आर. के निर्देशन में वन परिक्षेत्र सरदारपुर ने मुखबीर से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम राजोद तहसील सरदारपुर के अंतर्गत वन स्टॉफ द्वारा घेराबंदी की गई। सुचना अनुसार गत दिवस 2 संदिग्ध व्यक्ति मोटर साईकल से आये। जिसमें एक व्यक्ति के हाथ में बड़ी प्लास्टिक की थैली थी। वन स्टॉफ द्वारा दोनों को रोकने की कोशिश की गई। एक व्यक्ति भीड का फायदा उठा कर मौके से फरार हो गया। दुसरे व्यक्ति को वन स्टॉफ द्वारा रोक लिया गया। पुछताछ में अपना नाम प्रदीप पिता भगवानसिंह वडियावार एवं दूसरे व्यक्ति का नाम श्याम पिता बाबुलाल बताया गया। दोनों ग्राम खेरवास के निवासी है।
   मौके से जप्त थैली को खोला गया, जिसके भीतर गहरे लाल एवं चाकलेटी रंग का सांप जो लगभग 4 फिट लम्बा था, पाया गया। जो एक सांप रेड सेण्ड बोआ है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत शेड्यूल्ड-1 अंतर्गत सरीसृप प्रजाति में लिस्टेड संरक्षित श्रेणी का वन्यजीव है। जिसका वैज्ञानिक नाम इरिक्स जोहनी है। जप्त सांप का पशुचिकित्सक श्री गामड़ से स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। पुछताछ में प्रथम दृष्टया प्रदीप एवं श्याम का अपराध में संलिप्त होना पाया गया। नियमानुसार वन अपराध प्रकरण दर्ज कर प्रदीप को न्यायालय सरदारपुर में पेश किया गया, जहां से प्रदीप को न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है।
    न्यायालय के आदेशानुसार जप्त सांप रेड सेण्ड बोआ को सुरक्षित प्राकृतिक स्थल में छोड़ दिया गया है। यह कार्यवाही विक्रमसिंह निनामा, जोगडसिंह जमरा, मनीषपाल राठोर, अनिल कटारे, मनीष पंवार एवं जुबेरखान द्वारा की गई। संतोष कुमार रनशौरे उप वन मंडल अधिकारी सरदारपुर एवं रेंजर सरदारपुर शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया कि रेड सेंड बोआ एक सांप विषहीन, सीधा साधा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाला वन्यजीव है। जिसे पकडना, बेचना या शिकार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में है। इसके साथ ही लोगो से अपील की गई है कि ऐसा कोई कृत्य ना करे एवं कोई भी घटना संज्ञान में आए तो तत्काल वन विभाग को सूचित करे।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper